अमेरिकी नौसेना ने किया सरेंडर?: होर्मुज के समुद्री रास्ते में ट्रंप की बढ़ी परेशानी, ईरानी हमलों को देखते हुए तेल टैंकरों की सुरक्षा का वादा फेल

होर्मुज के समुद्री रास्ते में ट्रंप की बढ़ी परेशानी, ईरानी हमलों को देखते हुए तेल टैंकरों की सुरक्षा का वादा फेल
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार संघर्ष बढ़ते जा रहा है। जिसका सबसे बड़ा वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन मानी जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर देखने को मिला है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार संघर्ष बढ़ते जा रहा है। जिसका सबसे बड़ा वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन मानी जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर देखने को मिला है। इसको लेकर अमेरिका ने बड़ी बात स्वीकार की है। अमेरिकी नौसेना स्पष्ट करते हुए बताया कि मौजूदा समय में इस समुद्री रास्ते से निकलने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा नहीं दे सकते हैं।

अमेरिकी नौसेना का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस रास्ते से गुजरने वाले अमेरिकी टैंकरों को सुरक्षित रास्ता देंगे। इसके लिए नेवी एस्कॉर्ट उपलब्ध करवाएंगे। बीते बुधवार को दिए बयान में तेल कंपनियों को सलाह दी थी कि वो बिना डरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते का इस्तेमाल करे।

अमेरिका से शिपिंग उद्योग ने की सुरक्षा की मांग

लेकिन अब अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा समय में जोखिम काफी बढ़ गया है और नौसेना की वहां पर सुरक्षा अभी संभव नहीं है। इससे पहले ईरानी सेना के अधिकारी ने चुटकी ली और कहा कि अमेरिकी नौसेना को चैलेंज देते हुए कहा था कि वो इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा करे।

गौरतलब है कि शिपिंग उद्योग की तरफ से लगभग हर दिन सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिकी नौसेना खतरा ज्यादा बताते हुए सैन्य सुरक्षा देने से मना कर गई है। सूत्रों ने बताया कि नौसेना ने शिपिंग और तेल कंपनियों के साथ बातचीत करने हुए साफ किया कि जब तक हमलों के जोखिम कम नहीं होते हैं। तब तक एस्कॉर्ड मिशन शुरु नहीं किया जा सकता है।

IRGC नौसेना ने दी चेतावनी

ईरानी की IRGC नौसेना के कमांडर अलिरेजी तंगसीरी ने हाल ही दिनों में चुटकी लेते हुए एक बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना है तो इसके लिए उन्हें अमेरिकी विध्वंसक जहाज को साथ लेकर चलना होगा।

तेहरान टाइम्स ने अपनी सोशल मीडिया एक्स पोस्ट पर बताया कि तंगसीरी ने तंज करते हुए बताया था कि जो भी जहाज अमेरिकी युद्धपोत को साथ लेकर पहुंचेगा, उसकी सुरक्षा की गारंटी ईरान की रहेगी। उनके इस बयान को ट्रंप के हालिया घोषणा पर तंज और अप्रत्यक्ष चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है।

Created On :   12 March 2026 8:06 PM IST

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