US-Israel Iran War: 'खाड़ी देशों में जारी युद्ध की वजह से दुनिया की शांति पर..' मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच UN के जनरल सेक्रेटरी ने दिया बड़ा बयान

खाड़ी देशों में जारी युद्ध की वजह से दुनिया की शांति पर.. मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच UN के जनरल सेक्रेटरी ने दिया बड़ा बयान
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी है। इस संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के जनरल सेक्रेटरी एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान जारी किया है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी है। इस संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के जनरल सेक्रेटरी एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान जारी किया है। उनका कहना है कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध की वजह से दुनिया की शांति पर खतरा मंडरा रहा है। ये बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया है। उन्होंने यह बयान ऐसे समय पर दिया है, जब दुनियाभर के देश तेल संकट से जूझ रहे हैं। यह संकट मिडिल ईस्ट के बढ़ते संघर्ष के साथ गहराता जा रहा है।

सभी राजनीतिक पार्टियों से की अपील

यूएन के जनरल सेक्रेटरी का कहना है कि मिडिल ईस्ट में लगातार संघर्ष बढ़ते जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इस जंग की वजह से आम नागरिकों को काफी तकलीफों से गुजरना पड़ रहा है। इस संघर्ष को बातचीत के जरिए ही कम किया जा सकता है। उन्होंने अपने इस बयान में सभी राजनीतिक पार्टियों से जोर देकर गुजारिश की है कि वो दुश्मनी समाप्त करें और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें। ताकि आम लोगों की सुरक्षा हो सके और तुरंत बातचीत की टेबल पर आ जाएं।

ईरान के इतने स्थानों को बनाया निशाना

अमेरिका-इजरालय और ईरान के बीच जंग का आज 14वां दिन है। इसकी शुरुआत 28 फरवरी से हुई है। इस युद्ध की वजह से दुनियाभर के हालात बिगड़ते जा रहा है। वहीं, इसी जंग के शुरुआती अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला अली खामेनेई को मौत हो गई थी। इसके बाद वहां पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त कर दिया गया है। वहीं, इस युद्ध के चलते तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति ऐसे समय पर पैदा हुई है, जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जलमार्ग को बंद कर दिया है। इन हमलों के बीच ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर अबतक 10 हजार से ज्यादा सिविलियन साइट्स पर जोरदार हमले किए है, जिसमें घर, स्कूर और अन्य आम स्थान शामिल है। यह भी दावा किया जा रहा है कि इन हमलों में 1300 ईरान नागरिकों की मौत हो चुकी है।

Created On :   13 March 2026 1:48 AM IST

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