ट्रंप ने नेवी को जारी किया नया फरमान!: 'नाव या जहाज माइन बिछाता दिखाई दिए तो गोली...' अमेरिकी नौसेना को तुरंत कार्रवाई करने के राष्ट्रपति ने दिए निर्देश

नाव या जहाज माइन बिछाता दिखाई दिए तो गोली... अमेरिकी नौसेना को तुरंत कार्रवाई करने के राष्ट्रपति ने दिए निर्देश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए अपनी नौसेना को एक आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यहां पर कोई भी नाव समुद्र में माइन यानी पानी के नीचे विस्फोटक जाल बिछाती दिखे।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए अपनी नौसेना को एक आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यहां पर कोई भी नाव समुद्र में माइन यानी पानी के नीचे विस्फोटक जाल बिछाती दिखे, तो उसको तुरंत डुबो दे। इसके लिए कोई भी सोच-विचार नहीं या कोई देरी नहीं करें। इसके साथ ही इसे हटाने के ऑपरेशन को तीन गुना बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। उनका ये बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब होर्मुज में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

माइन हटाने का काम तीन गुना तेज

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट और कड़ो शब्दों में कहा है कि अगर होर्मुज में कोई भी नाव या जहाज माइन बिछाता दिखाई दिए तो अमेरिकी नौसेना उसे तुरंत तबाह कर दें। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्रवाई को लिए कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कोई चेतावनी नहीं और कोई इंतजार नहीं, सीधा हमला करें। इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना इस मार्ग में पहले ही माइन हटाने का कार्य कर रही है और अब इसको तीन गुना तेज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

कितना खतरनाक इस प्रकार का आदेश

इस तरह के आदेश पर जानकारों का कहना है कि "बिना सोचे गोली मारो" वाले आदेश से टकराव का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी भी देश की नाव गलती से इलाके में संदिग्ध लगी और अमेरिकी नौसेना कार्रवाई कर दे तो इससे एक बड़े युद्ध की शुरुआत हो सकती है। होर्मुज में होने वाली कोई भी बड़ी घटना सिर्फ वहां तक सीमित नहीं रहेगी, इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई, बिजनेस और इकोनॉमी पर पड़ने वाला है।

क्यों है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जरूरी?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद ही संकरा समुद्री मार्ग है। यह ईरान और ओमान के बीच में स्थित है। इसकी चौड़ाई सबसे कम है, सिर्फ करीब 33 किलोमीटर है। इतना छोटा रास्ता होने के बाद इस रास्ते से दुनिया का करीब 20 से 25 फीसदी तेल का आयात होता है। जिसमें सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और ईरान का तेल इसी रास्ते से दुनिया भर के देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इस रास्ते में कोई खतरा मंडराता है तो तेल की कीमते बढ़ने लगती है।

Created On :   23 April 2026 8:49 PM IST

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