Iran Israel War: ईरान ने दुबई एयरपोर्ट पर किया ड्रोन अटैक, फ्लाइट्स हुई रद्द

ईरान ने दुबई एयरपोर्ट पर किया ड्रोन अटैक, फ्लाइट्स हुई रद्द
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को 7 दिन हो गए हैं। इस दौरान इजराइल-अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन अटैक से भारी तबाही मचाई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को 7 दिन हो गए हैं। इस दौरान इजराइल-अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन अटैक से भारी तबाही मचाई। जवाब में ईरान ने भी अमेरिका के सैन्य ठिकानों और फाइटर जेट्स और ड्रोन को निशाना बनाया। साथ ही जराइल के कई रिहायशी इलाकों पर भी अटैक किया है। इस जंग के बाद से मीडिल ईस्ट दहल उठा है। इसी सिलसिले में अब ईरान ने एक बार फिर से दुबई पर अटैक किया है। ईरान ने दुबई एयरपोर्ट पर डोन अटैक किया है। इस हमले के बाद दुबई से जाने और आने वाली फ्लाइट्स पर रोक लग गई है।

वहीं, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है जहां से दुनियाभर में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आता है। यह वैश्विक ऊर्जा के व्यापार के लिए एक अहम रास्ता है। आपको बता दें कि, भारत मध्य पूर्व से 50 फीसदी तेल लेता है। ऐसे में होर्मुज मार्ग का बंद होना न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है। इन सब के बीच भारत को रूस से बड़ी राहत मिली है। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, रूस भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजने की तैयारी में है।

भारत को तेल भेजने की तैयारी में रूस

न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जलक्षेत्र के आस-पास शिप्स पर करीब 95 लाख बैरल रूसी तेल है। कहा जा रहा है कि यह तेल कुछ ही हफ्तों में भारत आ जाएगा। यहां एक बात साफ कर दें कि, यह तेल कहां जा रहा है इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। मालूम हो कि, बीते दिनों यह दावा किया गया था कि भारत के पास अगले 25 दिनों तक इस्तेमाल किए जाने वाला तेल मौजूद है।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है। यह फारस की खाड़ी को खुले समुद्र यानी अरब सागर से जोड़ता है। यह रास्ता है तो बहुत संकरा लेकिन इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

दुनिया की कुल पेट्रोलियम खपत का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से जाता है। हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस जलमार्ग से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे अहत तेल आपूर्ति वाली जलधाराओं में गिना जाता है।

Created On :   7 March 2026 1:43 PM IST

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