Israel Iran War: 'परमिशन की जरूरत नहीं', ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर भारत ने दिया दो टूक जवाब

परमिशन की जरूरत नहीं, ट्रंप के रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की छूट पर भारत ने दिया दो टूक जवाब
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने अमेरिका को भारत के रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट देने वाले बयान पर विपक्ष पर पलटवार किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने अमेरिका को भारत के रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट देने वाले बयान पर विपक्ष पर पलटवार किया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा वहां से तेल खरीदेगा। सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है, ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा।

भारत ने विपक्ष को दिया करारा जवाब

केंद्र सरकार ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है। भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं। राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों। उन्नत रिफाइनरी क्षमता के कारण विभिन्न ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करना संभव है, जिससे आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है।"

भारत ने शनिवार को यह भी पुष्टि की है कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थायी छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करना जारी रखेगा। यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी। केंद्र ने कहा है कि नई दिल्ली को इस तरह की खरीदारी के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

भारत ने अमेरिका के 30 दिन के छूट वाले बयान पर दिया बयान

सरकार ने कहा, 'भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है। भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल का आयात जारी रखेगा और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहेगा। रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन सालों के दौरान, भारत ने अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की आपत्तियों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा। रियायती कीमतों और रिफाइनरी की मांग के कारण 2022 के बाद आयात में बढ़ोतरी हुई।'

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी फ्लो और शिपिंग रूट बाधित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ गया। अमेरिका ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को रूस पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील दी ताकि समुद्र में जहाजों पर लदे हुए रूस के तेल को भारत को बेचा जा सके। इसे लेकर केंद्र सरकार ने कहा, 'रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है। इस छूट के जरिए रूस के साथ हमारे ट्रेड को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है। भारत दुनिया के रिफाइन्ड प्रोडक्ट का निर्यातक है और ये स्थिति उनकी ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करती है।'

Created On :   7 March 2026 7:35 PM IST

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