Israel Iran War: ईरानी राष्ट्रपति के खाड़ी देशों से माफी मांगने पर ट्रंप का तंज, सरेंडर ना करने पर ईरान को दी बड़े हमले की धमकी

ईरानी राष्ट्रपति के खाड़ी देशों से माफी मांगने पर ट्रंप का तंज, सरेंडर ना करने पर ईरान को दी बड़े हमले की धमकी
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। दोनों देश मिलकर ईरान पर संयुक्त हमले कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को चेतावनी दी है। दरअसल, हाल ही में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के खाड़ी देशों से मांफी मांगने पर तंज कसा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। दोनों देश मिलकर ईरान पर संयुक्त हमले कर रहे हैं। इसके जवाब में ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से लेकर कई सैन्य अधिकारियों की मौत के बावजूद वह इजराइल-अमेरिका से डटकर सामना कर रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को चेतावनी दी है। दरअसल, हाल ही में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के खाड़ी देशों से मांफी मांगने पर तंज कसा है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध में बुरी तरह से हारने के बाद ईरानी राष्ट्रपति माफी मांग रहे हैं। ऐसा करके ईरान ने अपने पड़ोसियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस दौरान ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में तेहरान को धमकी भी दी।

ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति के माफी मांगने पर कसा तंज

ट्रंप ने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा करके शासन करना चाहता था। हजारों सालों में यह पहली बार है कि ईरान अपने पड़ोसी मिडिल ईस्ट देशों से हारा है। उन्होंने कहा कि ईरान अब "मिडिल ईस्ट का दादा" नहीं रहा, बल्कि "मिडिल ईस्ट का हारा हुआ" है और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या अधिक संभावना है, पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाता।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दी है कि आज ईरान पर बहुत बड़ा हमला किया जाएगा। ईरान के बुरे व्यवहार के कारण, उन क्षेत्रों और लोगों के समूहों को भी पूरी तरह से नष्ट करने और निश्चित मृत्यु के खतरे में डाल दिया गया है, जिन्हें अब तक निशाना बनाने के बारे में सोचा भी नहीं गया था।

अमेरिका ने ईरान के तीन जहाजों पर किया अटैक

अमेरिका ने ईरान के तीन जहाजों को समंदर में डुबो दिया। इनमें से एक जहाज IRIS डेना था, जो भारत से लौटकर जा रहा था, उसी दौरान अमेरिकी टॉरपीडो ने उस पर हमला किया और वो तबाह हो गया। इस हमले के बाद श्रीलंका ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके ने कहा कि युद्ध में कभी किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान नहीं जानी चाहिए।

इस जंग के अगले ही दिन ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया। ईरानी आर्म्ड फोर्सेज की ओर ऐलान कर दिया गया कि इस समुद्री रास्ते से किसी भी देश का तेल टैंकर नहीं गुजरेगा, अगर गुजरा तो उस पर ईरान हमला करेगा। इसके बाद कई तेल टैंकरों को निशाना भी बनाया गया। हालांकि बाद में ईरान की ओर से क्लीयर किया गया कि अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों को छोड़कर किसी भी देश के जहाज इस रास्ते से गुजर सकते हैं।

Created On :   7 March 2026 7:07 PM IST

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