होर्मुज में अमेरिका की पूरी सैन्य ताकत: ईरानी बंदरगाहों पर चप्पे-चप्पे पर नजर, 10 हजार से ज्यादा सैनिकों को किया तैनात, कई घातक वॉरशिप भी शामिल

ईरानी बंदरगाहों पर चप्पे-चप्पे पर नजर, 10 हजार से ज्यादा सैनिकों को किया तैनात, कई घातक वॉरशिप भी शामिल
अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू कर दी है। इसके लिए उसने 10,000 से ज्यादा अमेरिकी नेवा के जवान, मरीन और एयरमैन को तैनात कर दिए हैं।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू कर दी है। इसके लिए उसने 10,000 से ज्यादा अमेरिकी नेवा के जवान, मरीन और एयरमैन को तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा इस अभियान को अंजाम देने के लिए एक दर्जन वॉरशिप को समंदर में चक्कर लगा रहे हैं। साथ ही एक-एक दर्जन एयरक्राफ्ट आसमान में चक्कर लगा रहे हैं। अमेरिका ने इस नाकेबंदी को लेकर बताया कि पहले 24 घंटों के भीतर एक भी जहाज नहीं गुजरा है।

बताया जा रहा है कि 6 मालवाहक जहाजों ने अमेरिकी सेना के आदेश का पालन करते हुए वापस मुड़कर ओमान की खाड़ी में स्थित में एक ईरानी बंदरगाह पर दोबारा पहुंच गए हैं।

ईरानी तेल आयात-निर्यात पर पांबदी

CENTCOM के ऑफिशियल ट्वीट और इन्फोग्राफिक ने साफ कहा है कि यह नाकेबंदी सभी मुल्कों के जहाजों पर समान रूप से लागू है। जिसका मुख्य उद्धेश्य ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर रोक लगाना है, लेकिन उन जहाजों को छूट है, जो होर्मुज से निकलकर ईरानी बंदरगाहों पर नहीं पहुंच रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक इन्फोग्राफिक एक्स पर शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि नाकाबंदी की लाल रेखा ईरान के तट के साथ खींची हुई नजर आ रही है, ताकि ईरानी तेल निर्यात और आयात पूरी तरह से बंद हो जाए।

फाइटर और सर्विलांस एयरक्राफ्ट तैनात

अमेरिका का कहना है कि इस मिशन के लिए 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी सर्विसमैन शामिल किए गए हैं। जिसमें 100 से ज्यादा फाइटर और सर्विलांस एयरक्राफ्ट शामिल है। जिन्हें तैनात कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए अपनी बड़ी सैन्य ताकत झोक दी है। जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, एम्फीबियस असॉल्ट शिप, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स, लिटोरल कॉम्बैट शिप जैसे खतराक हथियारों को शामिल किया गया है।

Created On :   15 April 2026 1:03 AM IST

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