Mecca Agreement: मिडिल ईस्ट में शांति की नई कोशिश, ईरान को मक्का समझौते में शामिल करने के संकेत

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है। इस बीच रूस की तरफ से संकेत मिले हैं कि ईरान को मक्का समझौते में शामिल किया जा सकता है। इससे प्रयास रहेगा कि क्षेत्रीय सुरक्षा में यह अहम साबित हो सकता है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की की तरफ से लाए गए इस समझौते को गल्फ में सामूहिक सुरक्षा के लिए एक संभावित ढांचा बताया है।
रूस ने मक्का समझौते पर क्या कहा?
रूसी विदेश मंत्री ने मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में छात्रों और फैकल्टी को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह समझौता सामूहिक सुरक्षा और रक्षात्मक गठबंधन की अवधारणा पर आधारित है। उनका आगे कहना है कि इसको समर्थन करने वालों ने स्पष्ट करते हुए कहा कि दूसरे देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसमें सिर्फ गल्फ के देश ही नहीं, बल्कि मिस्र जैसे देश भी इसका हिस्सा बन सकते हैं।
सर्गेई लावरोव ने बताया कि अगर ईरान इसमें भागीदार बनने के लिए शर्तों पर सहमति देता है, तो इससे उस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में सबसे व्यावहारिक कदम होगा, जिसकी रूस काफी समय से वकालत करता आ रहा है।
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साझा बैठक का प्रस्ताव
लावरोव कहते हैं कि रूस दो दशक से भी अधिक समय पहले गल्फ देशों, अरब राजशाहियों और ईरान के बीच एक साझा बैठक का प्रस्ताव पहले से ही दे चुका है। जिसका उद्देश्य इलाके में सुरक्षा को तैयार करना था। रूस ने ऐसे मंच की वकालत की थी, जहां पर अलग-अलग देश अपनी शिकायतें उसके जरिए रख सकते हैं। इससे आपसी भरोसा बढ़ाने की उम्मीद और उपायों पर चर्चा की जा सके। मॉस्को ने अपनी इस प्रतिक्रिया में अरब लीग, ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों को इसमें शामिल करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था।
Created On :   8 Sept 2026 12:57 PM IST














