Russo-Ukrainian War: आबूधाबी में शांति वार्ता से पहले यूक्रेन ने रूस पर दी तीखी प्रतिक्रिया, पुतिन की जगह बातचीत की टेबल पर नहीं कोर्ट के कटघरे में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन जंग पिछले 4 सालों से चल रही है। पहली बार दोनों देश शांति समझौते के लिए एक मेज पर आएंगे। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में होने वाली है। इसी बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री ने शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा रूस ने यूक्रेन पर ऐसे समय में हमला किया है, जब आबूधाबी में बातचीत होने वाली है। बातचीत के लिए यूक्रेन, रूस और अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा हुआ है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने रूस पर हमला बोला
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने इस हमले को लेकर रूस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बर्बर हमला साबित करता है कि पुतिन किसी बातचीत की टेबल पर नहीं बल्कि विशेष कोर्ट के कटघरे में है।
शांति वार्ता से पहले रूस ने 2 शहरों पर किया हमला
यूक्रेन ने कहा आबूधाबी में होने वाली शांति बैठक से पहले रूस ने शनिवार की सुबह यूक्रेन के 2 बड़े शहरों पर हमला किया है। रूस ने कीव और खारकीव पर तेज मिसाइल से हमला किया है। खबर है कि इस हमले में 1 व्यक्ति की जान चली गई है और लगभग 23 नागरिक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। यूक्रेनी समाचार रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को 375 ड्रोन और 21 मिसाइलें दागी गई थीं। रूस ने यूक्रेन की कमर तोड़ने के लिए उसके ऊर्जा संसाधनों पर हमला किया था। इस हमले के बाद से कीव के एक बड़े हिस्से की बिजली भी चली गई थी।
गौरतलब है कि हाल ही में ट्रंप सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उनके घर से उठा लिया था। इसके बाद जेलेंस्की ने ट्रंप से मांग की थी कि जैसे मादुरो को उठाया है ठीक उसी तरह पुतिन को भी उठा ले जाएं। उन्होंने कहा अगर तानाशाहों के साथ अमेरिका ऐसा बर्ताव करता है तो ट्रंप को पता है कि पुतिन के साथ क्या करना है।
शांति वार्ता को लेकर जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की से जब यह पूछा गया कि आबूधाबी में होने वाली शांति वार्ता के बाद से युद्ध समाप्त हो जाएगा। इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि निष्कर्ष से पहले इस बारे में सोचना जल्दबाजी होगी। जेलेंस्की ने आगे कहा कि सबसे पहले तो पुतीन को यह दिखाना होगा कि वह जंग समाप्त करना चाहते हैं कि नहीं।
अमेरिका की मध्यस्था में आबूधाबी में शांति वार्ता को लेकर चर्चा हो रही है। इस बैठक को लेकर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का बयान सामने आया है। दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस इस जंग को खत्म करने के लिए अपनी मांग से पीछे नहीं हट रहा है। उन्होंने कहा कि हमने डोनबास इलाके को छोड़ने के लिए कहा था लेकिन अभी उन्होंने अपना कब्जा छोड़ा नहीं है। औद्योगिक रूप से डोनबास यूक्रेन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Created On :   24 Jan 2026 5:52 PM IST












