PM Netherlands visit: 11वीं सदी के चोल ताम्रपत्र नीदरलैंड से भारत वापस आएंगे, पीएम मोदी बोले हर भारतीय के लिए खुशी का पल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटऑर्म के जरिए जानकारी दी कि वह 11वीं सदी के चोल ताम्रपत्र जल्द ही नीदरलैंड से इंडिया वापस लाएंगे। उन्होंने लिखा, "हर भारतीय के लिए यह एक गर्व का पल है। 11वीं सदी के चोल ताम्रपत्र नीदरलैंड से भारत वापस लाए जाएंगे। PM रॉब जेटेन की उपस्थिति में मैंने इस समारोह में हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, "चोल ताम्रपत्र 21 बड़ी और 3 छोटी पट्टियों का एक समूह हैं, जिन पर मुख्य रूप से तमिल भाषा में लेख अंकित हैं, जो दुनिया की सबसे सुंदर भाषाओं में से एक है। ये ताम्र-पत्र महान राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा अपने पिता राजाराजा प्रथम के एक मौखिक वचन को औपचारिक रूप देने से संबंधित हैं। ये चोलों की महानता को भी दर्शाते हैं। हम भारतीय चोलों, उनकी संस्कृति और उनकी समुद्री शक्ति पर अत्यंत गर्व करते हैं।
पीएम मोदी ने क्या बताया
मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "शाही महल में महामहिम राजा विलेम-अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से मुलाकात हुई। टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, सस्टेनेबल ग्रोथ, व्यापार और जल संसाधनों जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड्स की दोस्ती को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान करना बहुत शानदार रहा।" उन्होंने कहा, "भारत और नीदरलैंड्स साझा हितों और एक ऐसे भविष्य के लिए तैयार दुनिया बनाने के साझा विश्वास से जुड़े हुए हैं।"
बता दें, इस यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। नरेंद्र मोदी की यह दूसरी नीदरलैंड्स यात्रा है।
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