Air Pollution: दिल्ली की हवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, AQI 400 पहुंचने पर सरकार को लगाई फटकार, पूछा- आखिर क्या कर रहे हैं?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट का कहना है कि गाड़ियों से निकलने वाला धुआं हवा खराब होने की एक बड़ी वजह है। दिल्ली की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से भी परेशानी बढ़ रही है। इस पर कोर्ट ने सरकार से पूछा कि प्रदूषण कम करने के लिए अब तक क्या किया गया है। CJI ने कहा कि सिर्फ बातें करने से कुछ नहीं होगा। दिल्ली का AQI पहले ही 400 तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने दिवाली के दौरान प्रदूषण रोकने के तरीकों पर भी अपनी बात रखी।
यह भी पढ़े -भोपाल में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, जेपी नड्डा बोले- 'कांग्रेस को जनता 20-30 साल तक सत्ता नहीं देगी'
दिवाली पर ज्यादा पाबंदी लगाने से नहीं होगा फायदा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिवाली पर प्रदूषण रोकने के लिए जितनी ज्यादा पाबंदियां लगाई जाएंगी उनके टूटने का खतरा भी उतना ही बढ़ेगा। लोगों को नियमों का डर दिखाने के बजाय उन्हें साफ हवा की अहमियत समझानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि त्योहार मनाते समय पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई दिवाली के बाद होगी।
गरीबों को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार न मानें
कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण के लिए गरीब लोगों को दोष देना सही नहीं है। असल में वे खुद गंदी हवा का सबसे ज्यादा असर झेलते हैं। दिवाली के समय कई गरीब लोगों को काम मिलता है और वे अपनी कमाई करते हैं। वहीं, बड़ी गाड़ियों की वजह से उन्हें सड़कों पर परेशानी होती है। कोर्ट ने इस बात पर भी ध्यान देने को कहा।
यह भी पढ़े -INDIA गठबंधन की रैली पर BJP का तंज, संबित पात्रा बोले - पूरी तरह समय की बर्बादी; 10 लाख की भीड़ के दावे पर उठाए सवाल
पराली और स्कूलों को लेकर भी कही बात
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को समझाना चाहिए। जब उन्हें इसके नुकसान पता चलेंगे, तो वे खुद इसे जलाना बंद कर सकते हैं। वहीं, बढ़ते AQI के बीच स्कूल बंद करने की मांग पर कोर्ट विशेषज्ञों की राय लेगा। इसके बाद ही सभी उम्र के बच्चों की कक्षाओं को लेकर कोई फैसला किया जाएगा।
Created On :  
