Bofors Case: 40 साल पुराना 'बोफोर्स केस' अब हमेशा के लिए बंद! सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका को किया खारिज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बोफोर्स मामले से संबंधित आखिरी बची हुई याचिका को भी खारिज कर दिया गया है। साथ ही लगभग 40 साल से चल रहे इस मामले को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अदालत का कहना है कि अब इस केस को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी इस मामले में सभी आरोप खत्म कर चुका है। बाद में सीबीआई की अपील भी मंजूर नहीं हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद इस केस में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं बाकी है। इस फैसले के साथ ही बोफोर्स मामला हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का क्या है कहना?
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। अदालत का कहना है कि इस मामले को अब और ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने कुछ नाम हटाने के लिए समय मांगा था लेकिन कोर्ट ने इस मांग को भी स्वीकार नहीं किया है।
यह भी पढ़े -अभिषेक बनर्जी ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, मांगी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति
पहले क्या फैसला लिया था?
साल 2005 में दिल्ली हाई कोर्ट ने हिंदूजा भाइयों और बोफोर्स कंपनी को सभी आरोपों से राहत दे दी थी। कोर्ट ने उस समय जांच पर भी सवाल खड़े किए थे। बाद में सीबीआई की अपील भी देरी से दाखिल होने की वजह से खारिज कर दी गई थी।
बोफोर्स क्या मामला था?
साल 1986 में भारत ने स्वीडन की एक कंपनी से सेना के लिए 400 तोपों को खरीदने का समझौता किया था। अगले साल खबर आई थी कि इस सौदे में रिश्वत दी गई है। इसके बाद मामला की काफी लंबे तक जांच चलती रही और अदालत में चलता रहा था। अब इस मामले की पूरी कानूनी प्रक्रिया खत्म हो गई है।
Created On :   7 Aug 2026 1:34 PM IST












