Ram Mandir Donation Theft News: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को विश्व हिंदू परिषद ने किया खारिज, अब भी बढ़ रहा दबाव

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को विश्व हिंदू परिषद ने किया खारिज, अब भी बढ़ रहा दबाव
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, जिसको विश्व हिंदू परिषद ने सिरे से खारिज कर दिया है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले के बीच शुक्रवार (26 जून) को ये चर्चा तेज हो गई थी कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कई जगहों पर ये चर्चा जारी थी, लेकिन अब तक ट्रस्ट या अन्य किसी जिम्मेदार संस्था की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, अब इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अहम जानकारी दी है।

विहिप ने दावों को बताया गलत

विश्व हिन्दू परिषद ने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि उनके पास चंपत राय के इस्तीफे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। वहीं परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने माना कि अयोध्या में वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी, लेकिन उसमें क्या फैसला हुआ, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है।

जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ा दबाव

सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार की ओर से बनाई गई एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं। इसके बाद ट्रस्ट के कुछ जिम्मेदार लोगों पर दबाव बढ़ने की चर्चा है। हालांकि ट्रस्ट की आधिकारिक सूची में अब भी चंपत राय महासचिव और अनिल मिश्रा ट्रस्टी के तौर पर दर्ज हैं।

कैसे शुरू हुआ मामला?

इस विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इसके बाद 13 जून को विशेष जांच टीम बनाई गई। जांच टीम ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी। फिर 25 जून की रात मामला दर्ज किया गया और अगले ही दिन पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Created On :   27 Jun 2026 1:02 PM IST

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