दास और रांका की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान: SIR आंदोलन को लेकर CJP का रुख साफ, हिंसा के आरोप नकारे, सत्याग्रह का दिया हवाला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ उनके संगठन के आंदोलन का उद्देश्य नेपाल, फ्रांस और बांग्लादेश की तरह हिंसा और अशांति फैलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके दो साथी सौरव दास और आशुतोष रांका 'खुशी-खुशी जेल गए हैं।'
महात्मा गांधी के सत्याग्रह का किया जिक्र
CJP संस्थापक ने बताया कि उनके दोस्तों ने 'नफरत के बजाय शांति' का रास्ता चुना है, क्योंकि वे महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग पर चल रहे हैं। दीपके ने CJP समर्थकों को एक भावुक संदेश लिखा है, जिसमें उन्होंने त्योहारों के दौरान अपने परिवारों के साथ समय बिताने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने सौरव और आशुतोष को याद किया है। वे 13 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं और दीपके ने कहा कि वे अपने परिजनों के साथ नहीं हैं।
CJP नेताओं के समर्थन में प्रार्थना करने की अपील
अभिजीत दीपके का कहना है, "कुछ दिनों के लिए अपने परिवारों के साथ समय बिताएं। अपने परिजनों और अपनों के साथ रहें। जब आप अपने परिवारों के साथ हों, तो कृपया सौरव और आशु को याद रखें, क्योंकि वे दोनों अपने परिवारों के साथ नहीं रह सकते। इसलिए, वे हमारे परिवार हैं।"
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साथ ही उन्होंने फ्रांस और अल्बानिया की हिंसक घटनाओं से आंदोलन की तुलना करने वालों का जिक्र किया और कहा कि CJP के नेता जेल में हैं, लेकिन उन्होंने हिंसा का सहारा नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए अपनी कैद स्वीकार की है।
रांका और दास के बाहर आने पर दी प्रतिक्रिया
CJP नेता ने बताया, "यह कोई तुलना नहीं है। लेकिन जब महात्मा गांधी को जेल भेजा गया था, तो वह चुपचाप चले गए थे, क्योंकि वे सत्याग्रह कर रहे थे। और आशुतोष और सौरव भी वही सत्याग्रह कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इन गिरफ्तारियों से प्रदर्शनकारी डरने वाले नहीं हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि दास और रांका जिस मुस्कान के साथ जेल गए हैं, उसी के साथ बाहर आएंगे और इसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
Created On :   20 Oct 2026 11:38 PM IST













