IAF का वर्कहॉर्स है एंटोनोव AN-32: भारत की विशेष जरूरतों पर सोवियत संघ ने किया था तैयार, मौजूदा वक्त में देश में ऐसे 100 विमान, जानिए इसकी खासियत

भारत की विशेष जरूरतों पर सोवियत संघ ने किया था तैयार, मौजूदा वक्त में देश में ऐसे 100 विमान, जानिए इसकी खासियत
जोरहाट में हुआ यह विमान हादसा असम में कुछ ही महीनों के भीतर वायुसेना की दूसरा बड़ा प्लेन क्रैश है। इससे पहले असम के ही कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई (Sukhoi Su-30MKI) फाइटर जेट क्रैश हो गया था

डिजिटल डेस्क, भोपाल। एंटोनोव AN-32 को भारतीय वायुसेना का वर्कहॉर्स कहा जाता है, यह डबल इंजन वाला एक मजबूत मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है। IAF की विशेष जरूरतों पर इसे मूल रूप से सोवियत संघ में विशेष रूप से तैयार किया गया, इसको तैयार करने में भारत की भौगोलिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया। मौजूदा वक्त में IAF के बेड़े में ऐसे करीब 100 विमान शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना का वर्कहॉर्स और उसकी क्षमता

आपको बता दें जोरहाट में हुआ यह विमान हादसा असम में कुछ ही महीनों के भीतर वायुसेना की दूसरा बड़ा प्लेन क्रैश है। इससे पहले असम के ही कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई (Sukhoi Su-30MKI) फाइटर जेट क्रैश हो गया था, जिसमें 2 पायलटों की मौत हो गई थी। उस हादसे में दो सीटों वाले सुखोई विमान ने जोरहाट एयरबेस से ही एक रूटीन फ्लाइट भरी थी, जिसके बाद शाम करीब 7:42 बजे उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया था। बाद में वह विमान जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी इलाके में क्रैश मिला था।

आज असम के जोरहाट एयरबेस पर इसका एक विमान क्रैश हो गया, जिससे अचानक इसकी चर्चाएं होने लगी। हाल के महीनों में ये दूसरा बड़ा हादसा हुआ है। जोरहाट वायुसेना के एयरबेस पर हुए इस नए हादसे के बाद अब वायुसेना एयरबेस पर सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

Created On :   13 Jun 2026 3:18 PM IST

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