US-Iran Deal Impact: पेट्रोल-डीजल के दाम होंगे कम...रुपया होगा मजबूत! अमेरिका-ईरान की पीस डील से भारत को हो सकते हैं ये बड़े फायदे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लगभग चार महीने चली ईरान-अमेरिका की जंग अब थम गई है। दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते (पीस डील) पर सहमति बन गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि मिडिल-ईस्ट की जंग के चलते लंबे समय से बंद होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाने के साथ ही इसे दोबारा खोले जाने की परमिशन दे दी गई है। वहीं इस शांति समझौते से भारत को खासा फायदा होने वाला है, आइए जानते हैं उनके बारे में...
28 फरवरी को अमेरिका के ईरान पर हमलों के साथ जंग का आगाज हुआ था। इसके बाद ईरान ने यूएई समेत मिडिल ईस्ट के उन देशों पर हमला किया जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने स्थित थे। इस जंग से केवल मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि देश के कई देश झुलसे, जिनमें भारत भी शामिल है। दरअसल, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जहां से पूरी दुनिया की जरूरत का क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) आता है। इसका असर कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर पड़ा।
कच्चे ऑयल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से कई देशों में महंगाई बढ़ गई। दक्षिण एशियाई देश खासकर पाकिस्तान और भारत में भारी तेल संकट गहरा गया। कंपनियों ने खुद को हो रहे नुकसान को पूरा करने के लिए पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की। अब डोनाल्ड ट्रंप के शांति समझौते होने के ऐलान के बाद यदि होर्मुज स्ट्रेट खुलता है तो यह तेल संकट से जूझ रहे देशों के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं अगर भारत की बात करें तो उसे इसके आर्थिक के साथ रणनीतिक फायदे हो सकते हैं।
तेल-गैस संकट होगा खत्म
ईरान-अमेरिका के बीच समझौते का असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 5 फीसदी की कमी आई है। वह अब 83 डॉलर प्रित बैरल पर आ गया है। आज तक की खबर के मुताबिक डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल 5.50 फीसदी गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, सबसे ज्यादा मर्बन क्रूड की कीमत में गिरावट आई है। वह करीब 7 फीसदी कम होकर 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। होर्मुज स्ट्रेट से भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। ऐसे में ईरान-अमेरिकी के बीच हुआ शांति समझौता देश में चल रहे तेल संकट को कम कर सकता है।
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी होंगे सस्ते
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से तेल-गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, जिसकी वजह से पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ गई थीं। अब शांति समझौते के तहत ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोल देगा, जिससे तेल-गैस की सप्लाई चैन में सुधार होगा और किल्लत खत्म होगी। कच्चे तेल सस्ता होने से पेट्रोल डीजल की निर्माण लागत कम होगी, जिससे उनकी कीमतों में गिरावट आ सकती है।
ईंधन सस्ता होने का सीधा असर आम भारतीयों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि ईधन महंगा होने से कोई प्रोडक्ट का ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ता है और कीमत में बढ़ोतरी होती है। अब ईंधन के सस्ता होने पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होगा और खाने-पीने समेत कई आवश्यक सामानों की कीमतों में कमी आएगी।
शेयर बाजार में आएगा उछाल
वैश्विक तनाव और युद्ध ऐसे फैक्टर हैं जो कि शेयर मार्केट पर सीधा असर डालते हैं। भारतीय शेयर मार्केट पर ईरान-अमेरिका के अलावा इजरायल-फिलिस्तीन और रूस-यूक्रेन युद्ध का अच्छा खासा असर देखने को मिला है। ईरान-अमेरिका शांति समझौते का जैसे ही ऐलान हुआ सोमवार को निफ्टी और सेंसेक्स में उछाल देखने को मिला। जबकि इससे पहले उनमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी।
मजबूत होगा रुपया
कच्चे तेल के दामों में कमी होने से भारतीय मुद्रा 'रुपया' भी मजबूत होगा। इससे पहले मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव से यह गिरकर 95 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर पहुंच गया था, जो कि इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है। रुपये के गिरने की वजह क्रूड ऑयल यानि कच्चा तेल है। अगर क्रूड ऑयल सस्ता होगा तो उसका आयात शुल्क भारत को कम देना होगा, इससे देश का व्यापार घाटा भी कमेगा।
Created On :   15 Jun 2026 7:01 PM IST











