Iran-Israel War: खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया दुख तो कांग्रेस ने साधा बीजेपी पर निशाना, सरकार की डिप्लोमेसी पर दी प्रतिक्रिया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूएस-इजरायल की तरफ से किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी। जिस पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में स्थित ईरान के दूतावास में जाकर खामेनेई की मौत पर शोक जताया है रौ शोक पुस्तिका पर भी साइन किया है। इसको लेकर ही कांग्रेस हमलावर है और सरकार की डिप्लोमेसी को फेल बताया है।
क्या बोली कांग्रेस?
कांग्रेस के नेता शुभांकर सरकार ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने भारत सरकार की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी की ओर से ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार की डिप्लोमेसी फेल है। जब इनकी किरकिरी होने लगती है तो ये बाद में शोक सभा चले गए जबकि कांग्रेस ने अपना स्टैंड पहले ही स्पष्ट कर दिया था।
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विक्रम मिसरी ने जताया दुख
भारत सरकार ने 5 दिनों बाद दुख जताया है। भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर दस्तखत किए। इस दौरान उन्होंने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि भी दी है।
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कब हुई थी खामेनेई की मौत?
बता दें, ईरान में साल 1989 से अली खामेनेई देश के सर्वोच्च नेता थे। वह लंबे अरसे से ईरान का नेतृत्व कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी तड़के अमेरिकी-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी। ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी थी। उन्होंने शनिवार रात (भारतीय समय के मुताबिक) पोस्ट करते हुए कहा कि खामेनेई की मौत ईरान के लोगों के लिए देश पर नियंत्रण पाने का बड़ा मौका है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे और उनकी मौत न्याय की तरह है।
Created On :   5 March 2026 7:10 PM IST













