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उत्तराखंड आपदा में लापता 136 लोगों को राज्य सरकार ने मृत घोषित किया, मरने वालों की संख्या बढ़कर 206 हुई

उत्तराखंड आपदा में लापता 136 लोगों को राज्य सरकार ने मृत घोषित किया, मरने वालों की संख्या बढ़कर 206 हुई

हाईलाइट

  • चमोली जिले में बाढ़ के बाद लापता हुए 136 लोग "मृत घोषित"
  • उत्तराखंड सरकार ने ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड सरकार ने दो सप्ताह पहले चमोली जिले में बाढ़ के बाद लापता हुए 136 लोगों को "मृत घोषित" कर दिया है। इसके लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया गया। सरकार की तरफ से लापता लोगों को मृत मान लिए जाने के बाद आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 206 हो गई है। सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 लागू किया है, जिसके तहत नामित सरकारी अधिकारी लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिवार या रिश्तेदारों को जारी करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा करने के पीछे वजह है कि आपदा से प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सरकार की तरफ से मुआवजा मिल जाए। राज्य सरकार की तरफ से 4 लाख रुपए और केंद्र सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है।

रविवार शाम को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था, 'सामान्य परिस्थितियों में, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति को उसी स्थान पर जारी किए जाते हैं जहां वह जन्म लेता है या मर जाता है। लेकिन चमोली आपदा जैसी असाधारण परिस्थितियों में यदि कोई लापता व्यक्ति संभवतः जीवित होने की सभी संभावनाओं से परे मर चुका है, लेकिन उसका शव अभी तक नहीं मिला है, तो उस स्थिति में अधिकारी उसके परिवार के सदस्यों को एक आवश्यक पूछताछ के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करके मृत घोषित कर सकते हैं। ”

अधिसूचना में नेगी ने कहा, “पहली श्रेणी में घटनास्थल के पास के क्षेत्र के निवासी हैं जो साइट से गायब हो गए थे। दूसरे में राज्य के अन्य जिलों के लोग हैं, जो साइट पर मौजूद थे, जबकि तीसरी श्रेणी में अन्य राज्य के पर्यटक या लोग शामिल थे, जो साइट पर मौजूद थे। ”

उन्होंने कहा, '' इस प्रक्रिया के तहत, परिवार के सदस्यों को संबंधित सरकारी अधिकारी को सभी आवश्यक विवरणों के साथ लापता व्यक्ति के बारे में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा जो उचित जांच के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेगा। इससे लापता लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का निपटान करने में मदद मिलेगी। ”

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।