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बिजली कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में 2 गिरफ्तार, जांच सीबीआई को

November 02nd, 2019 23:30 IST
 बिजली कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में 2 गिरफ्तार, जांच सीबीआई को

हाईलाइट

  • बिजली कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में 2 गिरफ्तार, जांच सीबीआई को

लखनऊ, 2 नवम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के 45,000 से ज्यादा बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि का 2267 करोड़ रुपये को गलत तरीके से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) में जमा करवाने के मामले की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई को दे दी है। इसके अलावा इस मामले में दो लोगो को गिरफ्तार किया गया है।

हलांकि जब तक इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई नहीं शुरू नहीं करती है, तब तक इसकी पड़ताल पुलिस महानिदेशक (आर्थिक अपराध शाखा) आरपी सिंह करेंगे।

शनिवार को इस मामले के मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद आनन-फानन में हजरतगंज थाने में एफआईआर करा दी गई। लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया। बीती 10 अक्टूबर को यह मामला सामने आया था कि बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा नियमों के विरुद्ध डीएफएफएल में निवेश कर दिया गया है। इसके बाद इम्प्लाइज ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में पता चला कि डीएचएफएल खुद कई गड़बड़ियों में फंसी हुई है।

शनिवार को इसे लेकर ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग भी की थी। ऊर्जा मंत्री के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने की कार्यवाही की।

इसे लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर शाम इस पूरे मामले पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से बात की और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी हरकत में आए। आनन-फानन में हजरतरगंज कोतवाली में आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा तत्कालीन निदेशक वित्त और ट्रस्टी सुंधाशु द्विवेदी को लखनऊ से और ट्रस्ट के सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही इस मामले में कुछ और कर्मचारियों की भी तलाश शुरू हो गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर असुरक्षित बैंक डीएचएफएल में भविष्य निधि का पैसा निवेश करने से बिजली कर्मचारियों के जीपीएफ और सीपीएफ का करीब 2267.90 करोड़ रुपया फंस गया है। यही दोनों अधिकारी इस पूरे मामले को देख रहे थे।

इस मामले की जांच पहले से ही एसएफआईओ (सीरियस फ्राड इंस्वेस्टीगेटिंग आफिस) कर रही है। इस मामले में शनिवार शाम को पावर कॉरपोरेशन के सचिव आई.एम कौशल की तरफ से एफआईआर दर्ज करवाई गई। एफआईआर में आरोप है कि दोनों आरोपित अधिकारियों ने बिना प्रबंध निदेशक और उच्चाधिकारियों की जानकारी के दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन में निवेश करने का निर्णय लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप हैं। रविवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बिजली कर्मचारी संगठनों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

-- आईएएनएस

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।