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अब SC करेगा आधार को सोशल मीडिया से लिंक करने के मामले की सुनवाई, सभी केस ट्रांसफर

अब SC करेगा आधार को सोशल मीडिया से लिंक करने के मामले की सुनवाई, सभी केस ट्रांसफर

हाईलाइट

  • सोशल मीडिया प्रोफाइल को आधार से जोड़ने वाले सभी मामलों की सुनवाई अब SC करेगा
  • सुप्रीम कोर्ट जनवरी 2020 के आखिरी हफ्ते में इस मामले की सुनवाई करेगा।
  • सरकार इस मामले में जनवरी 2020 तक गाइडलाइन भी तैयार करेगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्रोफाइल को आधार से जोड़ने से संबंधित सभी मामलों को की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट करेगी।  विभिन्न हाई कोर्टों में अलग-अलग याचिकाएं दायर होने की वजह से फेसबुक ने याचिका दायर कर सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट जनवरी 2020 के आखिरी हफ्ते में सुनवाई करेगा।

जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की एक बेंच ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से कहा कि वह पहले सभी मामलों को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने लिस्ट करे। इसके बाद जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में इन मामलों को एक निश्चित बेंच के पास भेजा जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जनवरी में सोशल मीडिया के दुरुपयोग की जांच से जुड़े नियमों की अधिसूचना पर अपनी रिपोर्ट देने को भी कहा है।

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि व्यक्तियों की निजता भंग करने के लिए यह एक समझौता नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का एक प्रयास है।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि जब इन कम्पनियों के पास इनकी सेवाओं/प्रोडक्ट का दुरुपयोग रोकने का इंतज़ाम ही नहीं है तो इनको यहां आना ही नहीं चाहिए था, क्योंकि दुरुपयोग से पीड़ित लोगों की मदद के लिए इन कम्पनियों के पास कोई तकनीक या जरिया नहीं है।

बता दें कि केंद्र सरकार का सोशल मीडिया अकाउंट को आधार नंबर से लिंक होने करने के पीछे तर्क है कि इससे गलत खबर फैलाने वालों की पहचान करने में आसानी होगी और उन पर लगाम लगाई जा सकेगी। सरकार इस मामले में जनवरी 2020 तक गाइडलाइन भी तैयार करेगी।

दरअसल, सोशल मीडिया पर रोज़ाना फेक न्यूज फैलाई जाती है। लोग इन फेक न्यूज को असली समझ भरोसा कर लेते हैं। फेक न्यूज का असर सामाजिक और आर्थिक, दोनों होता है। असामाजिक तत्व गलत मकसद से इसका इस्तेमाल करते हैं। आतंकवादी संगठन भी नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।