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अमेरिकी सैन्य अकादमी से स्नातक होने वाली पहली धर्म अनुपालक सिख बनीं अनमोल

June 14th, 2020 17:30 IST
 अमेरिकी सैन्य अकादमी से स्नातक होने वाली पहली धर्म अनुपालक सिख बनीं अनमोल

हाईलाइट

  • अमेरिकी सैन्य अकादमी से स्नातक होने वाली पहली धर्म अनुपालक सिख बनीं अनमोल

न्यूयॉर्क, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय मूल की अमेरिकी अनमोल नारंग अमेरिकी सैन्य अकादमी से स्नातक (ग्रेजुएट) होने वाली पहली धर्म अनुपालक सिख (आब्वजर्वेट सिख) बन गई हैं।

नारंग लगभग 1,100 कैडेटों में से हैं, जिन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क में वेस्ट प्वाइंट के प्रीमियर संस्थान के कैंपस में सेकंड लेफ्टिनेंट रैंक के साथ स्नातक किया। इस अवसर पर हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे।

नारंग ने एक बयान में कहा, मैं अन्य सिख अमेरिकियों को बताना चाहती हूं कि चुनौती के लिए तैयार किसी के लिए भी कोई भी करियर संभव है।

इससे पहले सिख पुरुषों ने वेस्ट प्वाइंट से स्नातक किया है, मगर संस्था सिख कोअलिशन ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि अनमोल इस संस्थान से स्नातक करने वाली पहली पहली आब्जर्वेट सिख हैं।

यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने धार्मिक विश्वासों से समझौता करने की आवश्यकता नहीं पड़ी जिसे उनसे पहले के सिख स्नातकों को नियमों के कारण मानना पड़ा था। अब यह नियम रद्द हो चुके हैं।

उन्हें अपने बाल कटवाने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि महिलाओं को व्यक्तिगत ग्रूमिंग के नियमों के तहत यह छूट दी गई है। इससे पहले सिखों को अपने बालों और दाढ़ी को कटवाने के लिए अपने धार्मिक नियमों का भी उल्लंघन करने के लिए मजबूर होना पड़ता था।

अब सिख पुरुषों को भी इससे छूट मिल गई है और अकादमी में वर्तमान में कम से कम दो पुरुष अध्ययन कर रहे हैं, जिन्हें नए नियमों के तहत अपनी दाढ़ी और बाल नहीं कटाने पड़े हैं।

अमेरिकी सेना के कप्तान सिमरपाल सिंह 2010 के वेस्ट प्वाइंट स्नातक हैं, जिन्हें उस समय के नियमों के तहत अपने बालों को कटवाने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, मुझे सेकंड लेफ्टिनेंट नारंग को उनके लक्ष्य को प्राप्त करते देखकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

उन्होंने कहा, सभी सैन्य इकाइयों के साथ-साथ वेस्ट प्वाइंट जैसे शीर्ष स्तरीय नेतृत्व स्थानों में सिख सैन्य सदस्यों की व्यापक स्वीकृति न केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों, बल्कि अमेरिकी सेना की ताकत और विविधता को भी लाभान्वित करती रहेगी।

सिंह ने अदालत में मुकदमा जीता था, जिसमें सिखों पर लगे सेना के प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी, ताकि उन्हें अपने बालों और दाढ़ी को नहीं कटवाना पड़े।

वर्तमान में केवल सेना और वायु सेना ने सिखों को यह छूट दी है, जबकि अन्य सेवाओं में अभी छूट प्राप्त नहीं हो सकी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।