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NRC : ममता के बयान से नाराज़ असम टीएमसी अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

August 03rd, 2018 09:38 IST

हाईलाइट

  • असम राज्य में टीएमसी अध्यक्ष द्विपेन पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
  • NRC मामले में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बयान से असहमत होकर उन्होंने ये कदम उठाया है।
  • ममता बनर्जी ने कहा था कि असम से बंगालियों को बाहर करने के लिए एनआरसी लागू किया जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। असम राज्य में टीएमसी अध्यक्ष द्विपेन पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) मामले में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बयान से असहमत होकर उन्होंने ये कदम उठाया है। द्विपेन पाठक ने पद छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह ममता बनर्जी के बयान से सहमत नहीं है। उनके इस बयान से असम की जनता के बीच तनाव पैदा होगा और दोष उनके सिर पर मढ़ दिया जाएगा। बता दें कि ममता बनर्जी ने कहा था कि असम से बंगालियों को बाहर करने के लिए एनआरसी लागू किया जा रहा है।

बता दें कि एनआरसी की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद से ही ममता बनर्जी बीजेपी पर निशाना साध रही है। इससे पहले ममता ने अपने एक बयान में कहा था कि जिन लोगों ने पहले बीजेपी की सरकार बनाने के लिए वोट किया था आज उन्हें ही शरणार्थी कैसे बना दिया गया? ममता ने पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार वालों के नाम NRC ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं होने पर भी हैरानी जताई थी। एनआरसी के मुद्दे पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बोलते हुए ममता बनर्जी ने ये बात कही थी।

गौरतलब है कि असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का फाइनल ड्राफ्ट रविवार को जारी किया गया था। इसमें 3, 29,91,380 लोगों में से 2,89,38, 677 को असम की नागरिकता के लिए योग्य पाया गया था। इस ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए थे। इन 40 लाख लोगों को अवैध भारतीय माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट में शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें अपने दावे और आपत्तियों के लिए समय दिया गया है। बता दें इस मामले पर जमकर सियासी बहस छिड़ी हुई है। सोमवार और मंगलवार को सदन में भी इस ड्राफ्ट के खिलाफ विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।