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J&K : महबूबा सरकार गिरने के बाद राज्यपाल शासन लागू, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

June 20th, 2018 18:11 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। कश्मीर में फैली अशांति, आतंकियों के एनकाउंटर और सीजफायर एक्सटेंशन को लेकर पीडीपी-बीजेपी में लगातार टकराव चल रहा था। मंगलवार सुबह इस मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों की एक बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के बाद बीजेपी ने पीडीपी से अलग होने का ऐलान किया।

मंगलवार को बीजेपी के महासचिव राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि दिल्ली में सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर हुई अहम बैठक में निर्णय लिया गया कि अब कश्मीर में पीडीपी के साथ आगे चलना संभव नहीं होगा, इसलिए बीजेपी अपना समर्थन वापस ले रही है। वहीं अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बुधवार सुबह जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लगाने की मंजूरी दी है।

गठबंधन टूटने के बाद जम्मू-कश्मीर सीएम महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा राज्यपाल एन एन वोहरा को सौंप दिया है। यहां कांग्रेस ने पीडीपी के साथ सरकार बनाने से इनकार कर दिया है। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला ने भी फिलहाल सरकार न बनाने का ऐलान किया है। अब राज्य में राज्यपाल शासन के लिए मंजूरी भी मिल गई है।

LIVE UPDATES:

बुधवार
07:44 AM :
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार सुबह जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लगाने की मंजूरी दी है।

मंगलवार
08.00 PM :
जम्मू-कश्मीर की सभी पार्टियों से बात करने के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा ने राज्य में गवर्नर रूल लगाने के लिए राष्ट्रपति कोविंद को रिपोर्ट फॉरवर्ड की है।


05.00 PM : गठबंधन टूटने पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही हैं।

04.30 PM : कश्मीर के हालातों पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मीटिंग चल रही है। इसमें NSA अजित डोभाल, गृह सचिव, जम्मू-कश्मीर के जॉइंट सेक्रेटरी व अन्य ऑफिसर मौजूद हैं।

04.00 PM : बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर उमर अब्दुल्ला प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं।

03. 30 PM : जम्मू-कश्मीर में बीजेपी द्वारा महबूबा मुफ्ती से समर्थन वापस लेने पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कश्मीर की जनता को इससे सुकून मिलेगा।


03.15 PM : पीडीपी से गठबंधन तोड़ने के ऐलान के साथ ही बीजेपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। पीडीपी से नाता तोड़े जाने के फैसले से संबंधित चिट्ठी बीजेपी ने राज्यपाल एनएन वोहरा को भेज दी है। इस बीच राज्य में मुख्य विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस ने बैठक बुलाई है। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।


03.00 PM : राम माधव ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सहमति के बाद गठबंधन तोड़ने पर फैसला किया गया। कश्मीर में आज जो भी हालात हैं, उसके लिए महबूबा मुफ्ती ही जिम्मेदार हैं।' राम माधव ने आरोप लगाते हुए कहा, राज्य में आतंकवाद, हिंसा और कट्टरता लगातार बढ़ रही है। यहां घाटी में आम नागरिकों के मौलिक अधिकार खतरे में है।


02.40 PM : जम्मू-कश्मीर में बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि राज्य में आतंकवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां दिनदहाड़े लोगों को मारा जा रहा है। पत्रकारों की हत्या हो रही है, सैनिकों को अगवाकर मारा जा रहा है। यह सब असहनीय हो रहा था, इसलिए हमने सरकार से समर्थन वापस लेना ही उचित समझा। अब राज्य और घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई होगी।

02.30 PM : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जम्मू-कश्मीर सरकार से बीजेपी के समर्थन वापस लेने पर तंज कसा है। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, 'कश्मीर को बर्बाद करने के बाद बीजेपी कश्मीर से बाहर हो गई।'

02.20 PM : जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना ने भी तंज कसा है। उसने कहा कि ये एक अपवित्र गठबंधन था, जो हमने पहले ही कह दिया था कि यह ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा। यह एंटी नेशनल गठबंधन था।

बीजेपी ने समर्थन वापसी के लिए बताए 4 बड़े कारण

  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद बढ़ा है।
  • घाटी में आम नागरिकों के मौलिक अधिकार खतरे में है।
  • कश्मीर में हालात पर नियंत्रण के लिए समर्थन वापस।
  • मीडिया की अभिव्यक्ति की आजादी भी खतरे में।


पीडीपी के पास 28 और बीजेपी के पास 25 सीटें हैं
बता दें कि बीजेपी और पीडीपी में सीजफायर, कठुआ गैंगरेप मामले की जांच, सरकार में भागीदारी को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। 87 सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीडीपी की 28, बीजेपी की 25 सीटें हैं। दोनों दलों ने चुनाव के बाद गठबंधन किया था।


गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर दिल्ली में यह अहम बैठक बुलाई थी। शाह ने अपनी इस बैठक में जम्मू सरकार के सभी मंत्रियों और शीर्षक्रम के नेताओं को बुलाया था। बैठक से ठीक पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी अमित शाह से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे। कश्मीर में पिछले कुछ समय से फैल रहे तनाव को लेकर गृहमंत्रालय ने सेना को आक्रामक रवैया अपनाने के लिए कहा था।

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