दैनिक भास्कर हिंदी: बुराड़ी मामला : 11 लोगों की मौत और दीवार पर लगे 11 पाइप, अब खुला पूरा राज

July 4th, 2018

हाईलाइट

  • तीसरे भाई ने खोला 11 पाइप का राज।
  • उनके भाई का प्लाईउड का काम था, इस वजह से काफी बनती थी और इन 11 पाइपों को इसीलिए लगवाया गया था।
  • पुलिस ने आशंका जताई है कि नारायणी देवी के छोटे बेटे ललित ने सब लोगों को 'लटकाया' और पूरा मामला तंत्र-मंत्र से जुड़ा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में हुए 11 लोगों के सामूहिक सुसाइड मामले में धीरे-धीरे राज खुलने लगा है। घटना के दौरान घर से 11 लोगों के शव बरामद हुए थे, जिसमें से 10 फांसी के फंदे पर झूलते हुए और एक जमीन पर पड़ा हुआ था। जांच में घर के अंदर एक दीवार पर 11 पाइप, 11 खिड़कियां, 11 ऐंगल, कुछ डायरियां और रजिस्टर भी बरामद हुए। इन सभी में कुछ गहरा राज छिपा था, जिसे पुलिस प्रशासन तलाशने में जुटा था। मगर अब मृतक ललित और भूपी भाटिया के तीसरे भाई और बहन ने इन सभी रहस्यों से पर्दा हटा दिया है।

तीसरे भाई ने खोला 11 पाइप का राज
घटना के तीन दिन बाद मृतक ललित और भूपी भाटिया के तीसरे भाई दिनेश सामने आए हैं। दिनेश चित्तौड़गढ़ में रहते हैं। उन्होंने परिवार की मौत के पीछे तंत्र-मंत्र और धर्मांधता या किसी तांत्रिक की बात होने से इनकार किया है। घर से बाहर निकले 11 पाइप का रहस्य खोलते हुए दिनेश ने कहा कि पाइप से जुड़ी जो अफवाहें उड़ रही हैं, वो बातें बिल्कुल गलत हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल उनके भाई का प्लाईउड का काम था, इस वजह से काफी काफी गैस बनती थी और इन 11 पाइपों को इसीलिए लगवाया गया था, ताकि गैस निकलती रहे।

सोमवार से ही नंबर 11 से भी इन 11 मौतों के कनेक्शन की बातें सामने आ रही हैं। इसी बीच मृतक भाइयों ललित और भूपी भाटिया की बहन ने भी आत्महत्या की बात को साफ नकार दिया है। सुजाता ने भी इन 11 पाइप से मौत के कनेक्शन को खारिज किया है। उनका कहना है कि पाइप किसी तंत्र-मंत्र या काले जादू या विशेष धार्मिक कारण से नहीं लगाए गए थे, बल्कि पाइप सोलर प्रॉजेक्ट और वेंटिलेशन के काम के लिए लाए गए थे।


ये भी पढ़ें - बुराड़ी कांड : बाबा और रजिस्टर से खुलेगा 11 मौतों का राज...

पुलिस ने आशंका जताई है कि नारायणी देवी के छोटे बेटे ललित ने सब लोगों को 'लटकाया' और पूरा मामला तंत्र-मंत्र से जुड़ा है। घर से बरामद डायरियों और रजिस्टरों से ऐसे संकेत मिले हैं। मगर इस मामले में सुजाता का कुछ ओर ही कहना है। सुजाता ने बताया कि भाटिया परिवार धार्मिक था, लेकिन 'काला जादू' जैसे काम नहीं करता था, जैसा कि मीडिया रिपोर्ट्स में बार-बार दिखाया जा रहा है।

 

 

सुजाता ने कहा, 'लोग अंधविश्वास की बात कह रहे हैं... मैं बता दूं कि ऐसा कुछ नहीं था। परिवार के तंत्र-मंत्र की बात झूठी थी। मेरे परिवार के लोग धार्मिक थे, लेकिन किसी बाबा, तंत्र-मंत्र के चक्कर में शामिल नहीं थे। परिवार में सब लोग खुश थे और उनके ऊपर कोई दबाव नहीं था। घर में शादी का माहौल था, तब लोग क्यों सुसाइड करेंगे।'

परिवार ने मंगाई थी 20 रोटियां
घटना की रात से पहले भाटिया परिवार ने 20 रोटियां भी ऑर्डर की थी। घर में रोटी डिलीवर करने के लिए ऋषि नामक शख्स आया था। ऋषि ने ही आखरी बार परिवार के लोगों को देखा था। ऋषि ने बताया, 'उन्होंने करीब रात 10:30 बजे 20 रोटियों का ऑर्डर दिया था। मैं करीब 10:45 बजे डिलीवर करने गया। बेटी ने ऑर्डर लिया और पिता से पेमेंट करने को कहा। सबकुछ बिल्कुल सामान्य था।'

 


पजेसिव सिंड्रोम या कल्ट सुसाइड
मामले में डॉक्टर से बात की गई तो उन्होंने इसे पजेसिव सिंड्रोम या फिर कल्ट सुसाइड करार दिया है। डॉक्टरों ने कहा कि इस पूरे मामले में कल्ट सुसाइड होने के संकेत अधिक मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर परिवार के 11 लोगों की जान जाने के पीछे बेटे का प्लान है, तो वह बेटा पजेसिव सिंड्रोम का शिकार हो सकता है।

घर में होने वाली थी प्रियंका की शादी
बता दें कि सुसाइड करने वाले भाटिया परिवार की बेटी प्रियंका की शादी होने वाली थी। प्रियंका के मंगेतर ने मामले में अपनी बात रखते हुए तंत्र-मंत्र की बात को नकारा है। मंगेतर ने कहा कि परिवार बेहद शांत था और प्रियंका तंत्र-मंत्र जैसी बातों में विश्वास नहीं करती थी। उन्होंने कहा कि अगर आत्महत्या का कोई इरादा होता तो सगाई क्यों करती और शादी की तैयारियां क्यों की जा रही होतीं।