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अयोध्या में दीपोत्सव को राज्य मेला का दर्जा मिला

October 22nd, 2019 16:30 IST
 अयोध्या में दीपोत्सव को राज्य मेला का दर्जा मिला

हाईलाइट

  • अयोध्या में दीपोत्सव को राज्य मेला का दर्जा मिला

लखनऊ, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई कैबिनेट की बैठक में अयोध्या में दीपोत्सव को राज्य मेला का दर्जा प्रदान कर दिया गया। इसके अतिरिक्त 12 अन्य प्रस्तावों को भी बैठक में मंजूरी दी गई। सरकारी धन का दुरुपयोग न होने पाए, इसके लिए अयोध्या दीपोत्सव मेले में झांकी सहित सभी कार्यक्रमों का ऑडिट किया जाएगा।

सरकार के प्रवक्ता सिद्घार्थनाथ सिंह एवं श्रीकांत शर्मा ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सेप्टिक नीति प्रबंधन का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तहत सफाई कर्मियों की सुरक्षा से संबंधित सभी कदम उठाए जाएंगे। उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 652 नगर निकायों में लगभग पांच करोड़ की आबादी है। इन निकायों के भीतर 5560 एमएलडी में से अभी तक अपशिष्ट जल प्रबंधन की 3300 एमएलडी क्षमता है, अब 1280 एमएलडी की क्षमता विकसित की जा रही है। साल 2021 तक प्रदेश के सभी निकाय इससे जोड़े जाएंगे और 2023 तक इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। केंद्र, राज्य, निकाय और सीएसआर से फंड की व्यवस्था की जाएगी। 2023 के बाद इसके रख-रखाव की व्यवस्था का खर्च उपभोक्ता पर सरचार्ज लगाकर निकाला जाएगा। जिनके घरों में सेप्टिक टैंक बने हैं, उन्हें पांच वर्ष में 2500 रुपये या हर साल 500 रुपये का शुल्क देना होगा।

बैठक में अमृत योजना के तहत रायबरेली योजना फेज-3 को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 187़17 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत 50 प्रतिशत केंद्र, 30 प्रतिशत राज्य और 20 प्रतिशत नगरीय निकाय देगा।

प्रवक्ता द्वय ने बताया कि प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देने और मछुआरों के कल्याण के लिए कैबिनेट ने उप्र मत्स्य विकास नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। बोर्ड के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त होंगे। गठित की गई मत्स्य पालक समिति का बजट 100 करोड़ रुपये होगा। इसमें से 25 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं।

बैठक में यूपी एडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट नियमावली में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। अब प्रधानाचार्य की चयन समिति में उप शिक्षा सलाहकार की जगह एआईसीटीई का प्रतिनिधि शामिल होगा।

कैबिनेट ने खनन विभाग के समूह क और ख की नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इस संशोधन में आरक्षण, आयु की सीमा, प्रमोशन, वरिष्ठता आदि के वर्तमान सन्दर्भो को शामिल किया गया है।

समाज में प्रचलित मान्यताओं को तोड़कर महिला सशक्तिरण का संदेश देने वाली फिल्म सांड़ की आंख को कैबिनेट ने टैक्स फ्री करने का फैसला किया है।

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान को मंजूरी दी गई है, जिस पर कुल 47़14 करोड़ रुपये खर्च आएगा। एकेटीयू, मदनमोहन इंजीनियरिंग विवि और एचबीटीआई को इसका लाभ मिलेगा।

राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के कर्मचारियों के लिए वित्तमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जो 15 दिन में मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी निगम बन्द करने या चलाने, कर्मचारियों के समायोजन, वीआरएस सहित सभी पहलुओं पर विचार करेगी।

पुलिस विभाग के पीतल के कारतूस खोखा की नीलामी प्रक्रिया को समाप्त कर अब ई-नीलामी कराई जाएगी।

बैठक में सोनभद्र में जेपी सीमेंट के खनन क्षेत्र के लिए वन भूमि 586.178 हेक्टयर की अधिसूचना निरस्त कर 470.304 हेक्टयर गैर वन भूमि कृषि के लिए दी जाएगी। मड़िहान से भूमि इसके लिए अधिग्रहीत की जाएगी। जमीन का चारगुना मूल्य, पौधरोपण से आने वाला खर्च वहन करने के बाद फैक्ट्री शुरू हो सकेगी।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में लाहौरी टोला के निर्मल मठ के भवन खरीद को मंजूरी दे दी गई है। जिसके एवज में सरकार मठ को कॉरिडोर के निकट 500 वर्ग मीटर की जमीन खरीदकर देगी।

विधानसभा और विधान परिषद के बुलाए गए विशेष सत्र के सत्रावसान को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने संकल्प पारित किया कि गांधी के आदर्शो पर चलते हुए संयुक्त राष्ट्र के तय एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) को प्राप्त करने के लिये प्रभावी कदम उठाएंगे।

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