दैनिक भास्कर हिंदी: 5 राज्यों में चुनाव का ऐलानः  पश्चिम बंगाल में 8 ,असम में तीन, केरल, तमिलनाडु व पुडुचेरी में एक चरण में मतदान, 2 मई को आएंगे नतीजे

February 26th, 2021

हाईलाइट

  • भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।
  • केरल में पारंपरिक प्रतिद्वंदियों में उत्साह है, जिन्होंने कहा कि वे विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कमर कस चुके हैं।
  • केरल के मुख्यमंत्री ए.के.एंटनी ने विश्वास जताया कि मई में यूडीएफ की सरकार को शपथ दिलाई जाएगी।

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना महामारी का दौर जारी है। ऐसे में इसे ध्यान में रखते हुए सभी गाइडलाइनों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार चुनाव बहुत ही सफलता पूर्वक हुए और एक बार फिर वोटरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे। तीन चरणों-27 मार्च, 1 अप्रैल और 6 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होंगे। केरल में एक चरण में 6 अप्रैल को मतदान होगा और पुडुचेरी में भी एक चरण में 6 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल को होंगे। 2 मई को सभी राज्यों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। 

पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। पहला चरण- 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां चरण- 17 अप्रैल, छठा चरण- 22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल, आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा। 

4 राज्यों और एक केंद्र शासित राज्य में चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में कुल 824 विधानसभा सीटें हैं,जहां चुनावी सरगर्मियां तेज चल रहीं है। इन चुनावों में 18 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे। पहले से ही संभावना जताई जा रही थी कि चुनाव आयोग मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। हालांकि, चुनाव आयोग ने तेजी दिखाते हुए आज ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों में 294 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को 211, कांग्रेस को 44, लेफ्ट को 33 और भाजपा को 3 सीटें मिली थीं। केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या 40,771 होगी। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे अब 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी। 

चुनाव के ऐलान से पहले ममता बनर्जी ने घोषणाओं की लगाई झड़ी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणाओं की झड़ी लगा दी। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ट्वीट किया, पश्चिम बंगाल शहरी रोजगार योजना के तहत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है। यह अकुशल श्रमिक के लिए पहले के 144 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए कर दिया गया है। वहीं अर्ध-कुशल श्रमिक के लिए इसे 172 रुपए से बढ़ा कर 303 रुपए कर दिया गया है। जबकि कुशल श्रमिक के लिए 404 रुपये कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कुल 56,500 कर्मचारी (40,500 अकुशल, 8000 अर्ध-कुशल, 8000 कुशल) इससे लाभान्वित होंगे। ममता बनर्जी ने कहा, ये वेतन ग्रामीण श्रमिकों के बढ़े हुए वेतन (मनरेगा अकुशल और अर्ध-कुशल) के साथ तालमेल खाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट वित्तीय वर्ष 2021 और वित्तीय वर्ष 2022 में उपलब्ध करा दिया गया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। वोटों की गिनती 2 मई को होगी।

पुडुचेरी में पेट्रोल-डीजल सस्ता

चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले पुडुचेरी में पेट्रोल-डीजल सस्ता किया गया है। उपराज्यपाल ने पेट्रोल-डीजल पर वैट 2% घटाने का ऐलान किया है।

केरल में पारंपरिक प्रतिद्वंदियों में उत्साह...

केरल में पारंपरिक प्रतिद्वंदियों में उत्साह है, जिन्होंने कहा कि वे विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कमर कस चुके हैं। केरल में 140 विधानसभा सीटें हैं। सत्ताधारी सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा दिसंबर में स्थानीय निकाय चुनावों में विजयी रिकॉर्ड रखने के बाद राज्य में सत्ता बरकरार रखने का प्रयास करेगा, जोकि एक इतिहास होगा। लेकिन विपक्ष के नेता और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के संभावित मुख्यमंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब वोटों की गिनती होगी, यूडीएफ आसानी से जीत दर्ज करेगी।

पूर्व रक्षा मंत्री और तीन बार केरल के मुख्यमंत्री ए.के.एंटनी ने विश्वास जताया कि मई में यूडीएफ की सरकार को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य कांग्रेस के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि केरल में माकपा और भाजपा के बीच 10 सीटों पर एक गुप्त समझौता हुआ है। रामचंद्रन ने कहा, हम बहुत जल्द अपने उम्मीदवारों की सूची लेकर आएंगे और हमें भरोसा है कि हम जीतेंगे।

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास वर्तमान में सिर्फ एक सीट है और उसके वरिष्ठ नेता एम.टी. रमेश ने टिप्पणी की कि वे चुनाव में भारी बढ़त बनाएंगे। 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने शानदार जीत दर्ज की। पार्टी ने 20 सीटों में से 19 पर जीत दर्ज की और 47.48 प्रतिशत वोट प्रतिशत हासिल किया। वहीं वाम मार्चा केवल एक सीट जीत पाने में सफल रहा और 36.29 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। वहीं भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली और उसने 15.64 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किए।

 

 

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