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कांग्रेस ने कहा 2014 के मुकाबले 2018 में पेट्रोल पर 211% और डीजल पर  433% बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

September 10th, 2018 12:41 IST
कांग्रेस ने कहा 2014 के मुकाबले 2018 में पेट्रोल पर 211% और डीजल पर  433% बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

हाईलाइट

  • कांग्रेस ने कहा पेट्रोल पर 211% बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
  • 2014 के मुकाबले डीजल पर 433% बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
  • तेल के बढ़ रहे दामों के विरोध में कांग्रेस का भारत बंद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ रहे दामों को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार को घेर रही हैं। अब कांग्रेस ने बड़ा दावा करते हए कहा है कि पेट्रोल और डीजल के दामों में लगी आग का कारण सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी नहीं बल्कि भाजपा सरकार की नीतियां हैं। कांग्रेस का कहना है कि 2014 के मुकाबले पेट्रोल की एक्साइज ड्यूटी में 211.7 प्रतिशत और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में 433 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

कई गुना बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.2 रुपये प्रति लीटर थी जो अब 19.48 रुपए/लीटर हो गई है। वहीं डीजल पर साल 2014 में 3.46 रुपए एक्साइड ड्यूटी लगती थी जो अब बढ़कर 15.33 रुपए/लीटर हो गई है। अगर सरकार कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को मान कर 2014 के अनुसार एक्साइज ड्यूटी लागू कर देती है तो पेट्रोल कम से कम 10.42 रुपए और डीज़ल 12 रुपए सस्ता हो जाएगा।

तेल के बढ़ रहे दामों के विरोध में कांग्रेस का भारत बंद
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस समेत 21 दलों का भारत बंद शुरू हो चुका है। कांग्रेस की ओर से आज देशभर में बंद का आह्वान किया गया है। जिसका असर सुबह से देखने को मिल रहा है। भारत बंद में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापस दिल्ली पहुंच चुके हैं। राहुल कांग्रेस नेताओं के साथ महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पहुंचे और यहां से रामलीला मैदान के लिए रवाना हुए। दिल्ली के रामलीला मैदान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।