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Weather: असम-मेघालय में भारी बारिश-बाढ़ से तबाही, भूस्खलन से 3 की मौत, ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

May 27th, 2020 12:09 IST
Weather: असम-मेघालय में भारी बारिश-बाढ़ से तबाही, भूस्खलन से 3 की मौत, ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

हाईलाइट

  • असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय में बारिश और बाढ़ का कहर
  • बाढ़ से 350 से अधिक गांवों के 2.50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। बाढ़ से 350 से अधिक गांवों के 2.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। दरअसल असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में लगातार हो रही बारिश से कई इलाके बाढ़ग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ से असम के सात जिलों में करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार से बारिश हो रही है। मेघालय और अरुणाचल प्रदेश का भी यही हाल है।

असम के सात जिले हुए प्रभावित
असम में सात जिलों के 230 गांवों के लगभग दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को उपकरणों के साथ 40 स्थानों पर पहले ही तैनात किया जा चुका है।

नदियां उफान पर
असम की अधिकांश नदियां जिया भराली और ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन, 3 की मौत
ईटानगर के अधिकारियों ने बताया, सोमवार रात दिबांग घाटी जिले के आरजू गांव में एक महिला और उसके दो बच्चों की भूस्खलन के दौरान मलबे में दबने से मौत हो गई। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से पूरे राज्य में भूस्खलन और बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर तबाही मच गई है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने तीन लोगों की मौत पर गहरा शोक जताया। उन्होंने मृतकों के परिवार को तत्काल 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

मेघालय में लगातार बारिश और चक्रवाती तूफान से पहाड़ी राज्य के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं, जिससे 21 गांवों में 2,000 से अधिक लोगों पर असर पड़ा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री किर्मन शायला ने बताया, राज्य के पांच जिले प्रभावित हुए हैं।

इसी बीच कर्नाटक में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई।

अगले कुछ दिनों तक स्थिति गंभीर बनी रहने की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को भी असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की थी। असम और पड़ोसी राज्यों के कई हिस्सों में पिछले सप्ताह चक्रवाती तूफान आने अम्फान आया था, तब से भारी बारिश हो रही है। असम और मेघालय में 28 मई तक भारी बारिश के अनुमान के साथ रेड अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तीनों प्रदेशों की स्थिति गंभीर बनी रहने की संभावना भी जताई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।