दैनिक भास्कर हिंदी: सरकार ने शुरू किए फल-सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित रखने के उपाय, जमाखोरों पर नजर

June 2nd, 2018

 

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांगों के समर्थन में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में किसानों का सड़कों पर दूध बहाने और सब्जियां फेंकने का सिलसिला जारी है। इधर मध्य प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन के पहले ही दिन कुछ इलाकों में सब्जी की कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी को रोकने के उपाय करने शुरू कर दिए हैं।

खबर है कि किसान आंदोलन की वजह से राज्य के कुछ इलाकों में सब्जी की कीमतों में 20 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद सरकार ने लहसुन, प्याज, टमाटर समेत अन्य सब्जियों के लाइसेंसी थोक कारोबारियों के गोदामों की तलाशी लेने की तैयारी शुरू कर दी है।

सरकार की इस बात पर भी नजर है कि कहीं यह बढ़ोतरी व्यापारियों की तरफ से तो नहीं की जा रही है। सरकारी अधिकारी अब यह भी देखेंगे कि व्यापारी कहीं सब्जी का स्टॉक तो नहीं कर रहे हैं। 

सीएम ने लिया आंदोलन का फीडबैक 


सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को स्टेट हैंगर पर ही किसान आंदोलन का फीडबैक लेने के लिए सीएम सचिवालय और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाया। शनिवार को भी उन्होंने पूरे घटनाक्रम का ताजा अपडेट लिया।

पिछले साल ग्रीष्मकालीन मूंग के दाम गिरने और खरीदी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश था, जिसका असर किसानों के आंदोलन के दौरान भी दिखाई दिया। स्टेट हैंगर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि इस बार यह स्थिति नहीं आनी चाहिए। इसलिए 6 से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन मूंग के किसानों का पंजीयन होगा। इस समय ग्रीष्मकालीन मूंग की कीमत मंडियों में एक हजार रुपए तक गिर गई है। इसलिए सरकार 5575 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदी करेगी। सीएम के निर्देश पर शुक्रवार को ही आदेश जारी कर दिए गए। जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा, गुना, देवास, इंदौर, धार और बालाघाट में इसकी खरीदी होनी है।


पुलिसवालों ने कहा डरने की जरूरत नहीं, हमें फोन करना 

इधर, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा 10 जून को दोपहर दो बजे तक किसानों की मांगों के हित में भारत बंद किया जाएगा। रतलाम से लेकर राजस्थान सीमा तक हाईवे पर पुलिस के वाहन पेट्रोलिंग कर रहे हैं। पुलिस बल को जहां भी दूधवाले नजर आए उन्हें रोकते हुए उन्होंने सबको अपने मोबाइल नंबर दिए और कहा कोई भी दूध बेचने से रोके तो सीधे फोन करना।

नयागांव-मंदसौर सड़क मार्ग पर सुबह किसानों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सब्जियां छीन कर सड़कों पर फेंक दीं। भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। किसान आंदोलन के मुख्य केंद्र रहे तीन जिलों मंदसौर, रतलाम और नीमच में भी बंद का कुछ ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया।

मंदसौर और रतलाम में दूध और सब्जियों की आवक घटी, लेकिन नीमच में डिमांड से ज्यादा 20 हजार लीटर दूध और 50 क्विंटल सब्जी पहुंच गई। मंदसौर में आंदोलन समर्थकों ने दूध बांट रहे लोगों से हाथ जोड़कर और माला पहनाकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। 

आखिर क्या हैं किसानों की मांगें 


भारत के किसान स्वामीनाथन कमीशन को लागू करने और कर्ज माफ़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, किसानों के आंदोलन के कारण एक तरफ जहाँ आम आदमी को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके साथ ही यह आंदोलन केंद्र सरकार के लिये भी चिंता का विषय है| किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं, जिससे पुलिसकर्मी को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है| 

6 जून को राहुल करेंगे मंदसौर का दौरा 


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 6 जून को मंदसौर का दौरा करने वाले हैं। वह स्थानीय सरकारी स्कूल में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। बीजेपी इस जनसभा को राजनीति से प्रेरित बता रही है। उल्लेखनीय है कि मंदसौर में पिछले साल किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की फायरिंग में 5 लोग मारे गए थे। इस घटना की बरसी पर कांग्रेस अध्यक्ष के आगमन को लेकर राजनीति तेज हो गई है। 

किसान आंदोलन का कार्यक्रम 


किसान आंदोलन के पहले चरण में 1 से 4 जून तक गांवों में युवाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरानी खेल गतिविधियां होंगी। 5 जून को किसान धिक्कार दिवस के रूप में मनायेंगे इसमें सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ लिये गए फैसलों के बारे में चर्चा की जाएगी। 6 जून को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जायेगा, 6 जून को ही राहुल गाँधी की मंदसोर में सभा होनी है। 8 जून को असहयोग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 10 जून को भारत बंद रहेगा।