दैनिक भास्कर हिंदी: गुजरात राज्यसभा चुनाव : प्रथम वरीयता का मतदान समाप्त

June 19th, 2020

हाईलाइट

  • गुजरात राज्यसभा चुनाव : प्रथम वरीयता का मतदान समाप्त

गांधीनगर, 19 जून (आईएएनएस)। गुजरात में राज्यसभा सीटों के लिए प्रथम वरीयता का मतदान शुक्रवार अपराह्न् समाप्त हो गया। मतदान बाद तीन उम्मीदवारों -दो भाजपा और एक कांग्रेस- की जीत तय मानी जा रही है। हालांकि एक सीट का परिणाम अभी भी अनिश्चित है।

राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव गांधीनगर में विधानसभा भवन में आयोजित किया गया है। 182 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 103 सीटें, कांग्रेस के पास 65, भारतीय ट्राइबल पार्टी(बीटीपी) के पास दो, राकांपा के पास एक सीट है और एक निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी हैं। सदन में 10 सीटें रिक्त हैं, क्योंकि कांग्रेस के आठ विधायकों ने हाल ही में इस्तीफा दे दिया, जबकि दो सीटें कानूनी मामलों के कारण खाली हैं।

राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 35 वोट की जरूरत है। भाजपा के दो उम्मीदवारों -अजय भारद्वाज और रमीलाबेन बारा तथा कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल के लिए प्रथम वरीयता का मतदान समाप्त हो गया।

अंतिम और चौथी सीट के लिए दूसरी वरीयता का मतदान भाजपा के नरहरि अमीन और कांग्रेस के भरतसिंह सोलंकी के लिए होगा।

कोविड-19 महामारी के कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी, गुजरात, डॉ. मुरली कृष्ण ने मतदान केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन सुनिश्चित कराने के इंतजाम किए हैं। इसके कारण सीमित संख्या में विधायकों को मतदान केंद्र के अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।

भाजपा के 35-35 विधायकों का बैच पार्टी के दो उम्मीदवारों और कांग्रेस के 35 विधायकों का एक बैच पार्टी उम्मीदवार शक्तिसिंह गोहिल के लिए अपने वोट दे चुका है।

अब भाजपा के बाकी बचे 33 विधायक और कांग्रेस के 30 विधायकों में से देखना है कि बाकी बचे उम्मीदवारों को चौथी सीट के लिए कितने वोट मिलते हैं।

भाजपा बाकी दो वोटों के लिए भारतीय ट्राबल पार्टी पर निर्भर है, जिसके सदन में दो विधायक हैं और उसे एक राकांपा विधायक के वोट की भी उम्मीद है।

कांग्रेस भी बाकी पांच वोटों के लिए उपरोक्त पार्टियों से उम्मीद लगाए हुए है। कांग्रेस को एकमात्र निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी से आश्वासन मिल चुका है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार को अभी भी चार वोट चाहिए। यदि पार्टी को बीटीपी और राकांपा के तीन वोट मिल भी जाते हैं, तो भी एक वोट की कमी रह जाती है।

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