comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Amphan Cyclone: ओडिशा तट के करीब चक्रवाती तूफान 'अम्फान', सहमे कई राज्य, जानिए कहां-कहां से गुजरेगा

Amphan Cyclone: ओडिशा तट के करीब चक्रवाती तूफान 'अम्फान', सहमे कई राज्य, जानिए कहां-कहां से गुजरेगा

हाईलाइट

  • सुपर साइक्लोन में बदला चक्रवाती तूफान अम्फान
  • उफान पर पहुंच कई राज्यों में मचा सकता है तबाही

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अम्फान अब सुपर साइक्लोन बन चुका है। यह तेज रफ्तार के साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा की ओर बढ़ रहा है। इससे भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सुपर साइक्लोन अगले 6 घंटों के दौरान फिर से अपना रूप बदलेगा। यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। इससे तेज आंधी-बारिश हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए बंगाल ओडिशा समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। एनडीआरएफ, सशस्त्र बल और भारतीय तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है।  

तूफान भीषण रूप में परिवर्तित होगा
अम्फान के 19-20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच तट से टकराने की संभावना है। यहां नुकसान रोकने के लिए NDRF की टीमें तैनात की हैं। तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं। लोगों और मछुआरों को समुद्र के किनारे न जाने की सलाह दी गई है। रेल और बस सेवाओं के रूट भी बदल दिए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान मंगलवार (19 मई) दोपहर से शाम तक बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ सकता है। ये पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच दिग और हटिया द्वीप समूह (बांग्लादेश) के पास सुंदरवन के हिस्सों को पार करता हुआ आगे बढ़ सकता है। इस प्रकार तूफान भीषण रूप में परिवर्तित होगा। इससे तटीय राज्यों में भारी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। इन राज्यों के लिए अगले 6 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। 

ओडिशा के तटीय जिलों में हाई अलर्ट 
तूफान के भीषण रूप के मद्देनजर मौसम विभाग ने पूर्वी तटों के राज्य- तमिलनाडु और पुडुचेरी से लेकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और आस-पास के तटीय इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ओडिशा के तटीय जिले हाई अलर्ट पर हैं।

अम्फान अपने केंद्र में 220 से 230 किमी. प्रति घंटे की गति से घूम रहा
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया, बंगाल की खाड़ी में बने ताकतवर चक्रवाती तूफान अम्फान से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में व्यापक नुकसान हो सकता है। महापात्रा ने कहा, 700 किलोमीटर तक फैले और लगभग 15 किमी. ऊंचाई वाला चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 220 से 230 किमी. प्रति घंटे की गति से घूम रहा है। यह सात किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है और यह ओडिशा के पारादीप से 730 किमी. दक्षिण में, पश्चिम बंगाल के दीघा से 890 किमी. दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और बांग्लादेश के खेपुरा से 1,010 किमी. दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है।

बंगाल और ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट
सुपर साइक्लोन के 20 मई को सुंदरबन के करीब दीघा द्वीप और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने तटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां इससे व्यापक नुकसान होने की आशंका है।

19 मई से इन जिलों में बारिश
उन्होंने कहा दक्षिण और उत्तर परगना, पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर, हुगली, हावड़ा और कोलकाता जैसे पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में बारिश 19 मई से शुरू होगी और 55 से 65 कि. मी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। ज्वार की लहर खगोलीय ज्वार से चार से छह फीट ऊपर होने की उम्मीद है।

अम्फान तूफान से बंगाल और ओडिशा में भारी नुकसान की आशंका : आईएमडी

तेज हवाओं से भारी नुकसान का अनुमान
महानिदेशक ने कहा, सुपर साइक्लोन के आने के बाद बारिश से लेकर बेहद भारी बारिश का कारण बनेगा और साथ ही 165 से 195 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। इस हवा की गति बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकती है। तेज हवा पेड़ों के साथ ही संचार और बिजली ट्रांसमिशन के खंभों को उखाड़ सकती है। टेलीफोन लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है और घरों, फसलों और वृक्षारोपण को भी भारी नुकसान की संभावना है।

चक्रवातों में आई कमी लेकिन गंभीरता बढ़ी
महापात्रा ने कहा, ओडिशा के उत्तरी तटीय जिलों जैसे जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर पर चक्रवात का जल्दी असर होगा। हालांकि यह प्रभाव प्रत्यक्ष नहीं होगा, क्योंकि चक्रवात राज्य के समानांतर चल रहा है।  इससे पहले मई 2019 में ओडिशा से टकराने वाला फानी अंतिम गंभीर चक्रवात था। महापात्रा ने कहा, अब बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों में कमी जरूर आई है, मगर इनकी गंभीरता बढ़ गई है।अम्फान ओडिशा में 1999 में आए तूफान के बाद दूसरा सुपर साइक्लोन (चक्रवाती तूफान) है। वह ऐतिहासिक रूप से सबसे तीव्र चक्रवाती तूफान था। 1999 के सुपर साइक्लोन ने 9,000 से अधिक लोगों की जान ली थी। 

सभी फोर्स टीम अलर्ट 
चक्रवात अम्फान के खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ, सशस्त्र बल और भारतीय तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है और सभी फोर्स राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत के माध्यम से समन्वय स्थापित कर रही हैं।

कमेंट करें
IVk89
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।