दैनिक भास्कर हिंदी: अमेरिकी दबाव के बाद ईरान से तेल खरीदना बंद करेगा भारत!

June 29th, 2018

हाईलाइट

  • भारत नवंबर से ईरान से तेल खरीदना बंद कर सकता है।
  • अमेरिका ने 27 जून को भारत समेत अन्य देशों को ईरान से कच्चे तेल का आयात चार नवंबर तक बंद करने को कहा था।
  • ऐसा नहीं करने पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत नवंबर से ईरान से तेल खरीदना बंद कर सकता है। दरअसल अमेरिका ने 27 जून को भारत समेत अन्य देशों को ईरान से कच्चे तेल का आयात चार नवंबर तक बंद करने को कहा था। अमेरिका के दबाव के चलते भारत ईरान से तेल नहीं खरीदने की तैयारी में है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि तेल मंत्रालय ने इसकी तैयारी कर ली है। हालांकि अभी उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की है।

बता दें कि पिछले महीने अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से हटने की घोषणा की थी। इसके बाद उसी संबंध में अमेरिका ने भारत, चीन सहित सभी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात चार नवंबर तक बंद करने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी थी।

सूत्रों से आई खबर के अनुसार तेल मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को इसके लिए आगाह कर दिया है कि वे ईरान से तेल आयात बंद होने की स्थिति के लिए तैयार रहें। साथ-साथ इस स्थिति से निपटने की प्लानिंग भी शुरु कर दें। इस बारे में मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के प्रवक्ता ने कहा कि, अमेरिका ने जो बयान दिया है, वह ईरान से तेल के आयात को कम करने के लिए है न कि ईरान से संबंधों को तोड़ने को लेकर। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह बयान सभी देशों के लिए था, सिर्फ भारत के लिए नहीं। जहां तक हमारा सवाल है, हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।

 

 


अमेरिका की ओर से दुनिया के सभी देशों से ईरान का तेल नहीं खरीदने के लिए कहे जाने के बाद विपक्षी पार्टियों का सरकार पर हमला शुरु हो गया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर पूछा कि, 'क्या अमेरिका के इस आदेश के बाद भारत अपने कच्चे तेल के तीसरे सबसे बड़ा निर्यातक देश से आयात रोकेंगे। साथ-साथ यह भी बताएं कि पेट्रोल की कीमतों एवं राष्ट्रीय हितों पर इसका क्या असर होगा।'

यहां हम आपको ये भी बता दें कि इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक ईरान ने भारत को 1.84 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति की है।