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ग्वालियर में बिखरेगी देशी-विदेशी संस्कृति की छंटा, उद्भव उत्सव 31 अक्टूबर से

October 20th, 2019 20:06 IST
ग्वालियर में बिखरेगी देशी-विदेशी संस्कृति की छंटा, उद्भव उत्सव 31 अक्टूबर से

हाईलाइट

  • ग्वालियर में बिखरेगी देशी-विदेशी संस्कृति की छंटा, उद्भव उत्सव 31 अक्टूबर से

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव उद्भव उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में आधा दर्जन से ज्यादा देशों और देश के विभिन्न प्रांतों के सांस्कृतिक दल हिस्सा लेने वाले हैं, जो देश-विदेश की संस्कृति से परिचित कराने का काम करेंगे।

अन्तर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव उद्भव उत्सव का आयोजन करने वाली संस्था उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पांडेय और सचिव दीपक तोमर ने रविवार को यहां संवाददाताओं को बताया, इस महोत्सव की शुरुआत 31 अक्टूबर को कॉर्निवाल से होगी, जिसमें विभिन्न देशों और प्रांतों से आए सांस्कृतिक दलों के कलाकार अपनी संस्कृति का परिचय देते हुए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह उद्भव उत्सव का 16वां आयोजन है।

उन्होंने बताया, तीन नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में स्पेन, इटली, इजरायल, ईरान, रूस (साइबेरिया), किर्गिस्तान एवं श्रीलंका के दलों सहित देश के असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, दिल्ली एवं म़ प्ऱ के 1000 से अधिक कलाकार हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस मौके पर विजेता दल को अन्तर्राष्ट्रीय डांस ट्रॉफी दी जाती है। इसे जीतने के लिए ये दल एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देंगे।

उन्होंने बताया, अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर ग्वालियर की पहचान एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने के प्रयास में तथा भारतीय कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किया जा रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव से चयनित भारतीय कलाकारों को उद्भव विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर प्रदान करता है। विगत वर्षो में देश के 2000 से अधिक कलाकार 40 विदेश यात्राओं के माध्यम से चीन, ग्रीस, तुर्की, बुल्गारिया, साइबेरिया, रोमानिया, इजिप्ट, पौलैंड, चेक गणराज्य, आस्ट्रिया, इटली, किर्गिस्तान आदि देशों में भारतीय संस्कृति का परचम लहरा चुके हैं। इस वर्ष की प्रतियोगिता से चुने गए कलाकार अगले वर्ष विभिन्न देशों में प्रस्तुति देंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।