बिहार: बरसात पूर्व बाढ़ संभावित इलाकों में तैयारी, आश्रय के लिए स्थानों का चयन का निर्देश

May 14th, 2022

हाईलाइट

  • बिहार : बरसात पूर्व बाढ़ संभावित इलाकों में तैयारी, आश्रय के लिए स्थानों का चयन का निर्देश

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के कई जिलों में बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष बाढ़ आना तय माना जाता है। ऐसी स्थिति में सरकार अभी से ही बाढ़ से लोगों को राहत और बचाव के प्रबंध में जुट गई है। इधर, पटना में जलजामाव वाले क्षेत्रों में भी नालों की सफाई सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गुरुवार को जल निकासी के लिए किए जा रहे कार्यों को देखा था।

आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए आश्रय स्थल का चयन करने का निर्देश दिया है। विभाग ने बाढ़ संभावित जिलों को आश्रय स्थलों के चयन करने का निर्देश दिया है, जिससे बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में दिक्कत नहीं हो।

आश्रय स्थल के लिए स्कूल, कॉलेज, सामुदायिक भवन, खेल मैदान या अन्य सार्वजनिक स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां अधिक से अधिक लोगों को रखा जा सके और ऊंचे स्थान पर हों। वहीं, आश्रय स्थल पर लोगों को रखने के दौरान सूखा राशन भी दिया जाता है।

इसके अलावे नावों की भी मरम्मत करवा लेने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ के दौरान सुरक्षित निकाले जाने वाले लोगों के लिए खाने पीने की व्यवस्था के लिए राशन की व्यवस्था अभी से कर लेने के निर्देश जिला के अधिकारियों को दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल कई जिलों में आश्रय स्थल को लेकर परेशानी उठानी पड़ी थी। बताया जा रहा है कि इन कार्यों के लिए राशि भी आवंटित कर दी गई है, जिससे समय रहते इन सभी कार्यों को निपटाया जा सके।

इधर, राजधानी पटना में जलजमाव वाले चिन्हित क्षेत्रों में भी नालों की सफाई का कार्य तेज कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को खुद अधिकारियों के साथ पटना शहर में बरसात के पूर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सैदपुर नहर रोड जाकर सैदपुर नाले का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

इस क्रम में मुख्यमंत्री ने ड्रेनेज पंपिंग प्लांट सैदपुर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्मित सैदपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फस्र्ट स्टेज के गंदे पानी तथा अंतिम स्टेज के साफ पानी को भी देखा तथा पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।

निरीक्षण के पश्चात् पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को तेजी से पूरा करने की जरुरत है ताकि बारिश के दौरान लोगों को कोई परेशानी नहीं हो।

 

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