दैनिक भास्कर हिंदी: कमलनाथ होंगे मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, 17 दिसंबर को लेंगे शपथ

December 14th, 2018

हाईलाइट

  • मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का सीएम बनना तय माना जा रहा है।
  • भोपाल में पार्टी मुख्यालय के बाहर ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कर रहे हैं हंगामा
  • राहुल गांधी के निवास पर चल रहा है एमपी में सीएम के नाम पर मंथन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को गुरुवार देर रात विधायक दल का नेता चुन लिया गया। भोपाल में रात 11 बजे हुई विधायक दल की बैठक में सीएम पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसी के साथ दो दिनों से राज्य में सीएम पद के लिए चल रही रस्साकशी खत्म हो गई। यह भी फैसला लिया गया कि राज्य में कोई डिप्टी सीएम नहीं होगा।

सीएम चुने जाने के बाद कमलनाथ ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये पद मेरे लिए मील का पत्थर है और मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि जो विश्वास एमपी की जनता ने कांग्रेस पार्टी में दिखाया है उस पर मैं खरा उतरूं। उन्होंने इस दौरान समर्थन देने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी धन्यवाद दिया। कमलनाथ ने यह भी कहा कि हम अपने वचन पत्र का हर वादा पूरा करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने बताया कि वे 17 दिसंबर 2018 को राजधानी के लाल परेड ग्राउंड पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। 

बता दें कि गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निवास पर दिनभर चली लंबी रायशुमारी के बाद कमलनाथ के नाम पर मुहर लगी। बैठक में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक रहे एके एंटनी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी मौजूद थे। बैठक के बाद कमलनाथ और सिंधिया भोपाल आए और रात 11 बजे विधायक दल की बैठक में शामिल हुए, जहां सीएम पद के लिए कमलनाथ के नाम का ऐलान हुआ।

इससे पहले राज्य में सीएम चेहरे के लिए लंबे समय तक सस्पेंस बना रहा। कमलनाथ यहां शुरू से ही रेस में सबसे आगे रहे, लेकिन ज्योतिरादित्य भी मैदान में डटे रहे। बुधवार को राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में विधायक दल की बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नाम पर कांग्रेस विधायक दल में सहमति बनने की खबर थी, लेकिन गुरुवार दिनभर चले घटनाक्रम को देखते हुए यह कहना मुश्किल हो गया था कि एमपी में कमलनाथ ही अगले सीएम होंगे। भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस का एक खेमा ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाए जाने के लिए लामबंद दिखाई दिया। सिंधिया समर्थक भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर प्रदर्शन करते रहे। भोपाल पार्टी हेडक्वार्टर में बड़ी संख्या में कमलनाथ और सिंधिया गुट के समर्थक मौजूद रहे और अपने-अपने नेता को सीएम बनाने की मांग करते रहे।

ऐसा रहा दिन भर का घटनाक्रम :

12.05 PM : कमलनाथ ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, 'जो विश्वास एमपी की जनता ने कांग्रेस पार्टी में दिखाया है उस पर मैं खरा उतरूं। हम अपने वचन पत्र का हर वादा पूरा करेंगे। मैं शुक्रवार सुबह 10.30 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलूंगा।'

 

 

11.08 PM : सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस मुख्यालय में विधायक दल की बैठक को संबोधित कर रहे हैं।

 

 

10.53 PM : कमलनाथ को चुना गया विधायक दल का नेता। एक से दो दिन में लेंगे सीएम पद की शपथ। राज्य में नहीं होगा कोई डिप्टी सीएम।

 

 

10.47 PM : कमलनाथ भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे।

10.20 PM : कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे

 

09.10 PM :  भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय का ऐसा है नजारा, कमलनाथ और सिंधिया के दिल्ली से लौटने के इंतजार में हैं समर्थक

08.45 PM : कमलनाथ ही होंगे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री : सूत्र

08.20 PM : कमलनाथ-सिंधिया के साथ बैठक खत्म होने के बाद राहुल ने ट्वीट किया- धैर्य और समय दो सबसे बड़े ताकतवर यौद्धा है।

 

 

08.05 PM : राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- यह कोई रेस नहीं है, न ही ये कुर्सी के लिए है। हम यहां मध्य प्रदेश की जनता की सेवा के लिए हैं। मैं भोपाल के लिए निकल रहा हूं। 

 

 

07.55 PM : राहुल गांधी के निवास से बाहर आए कमलनाथ। बोले- मैं अब भोपाल के लिए निकल रहा हूं। वहां विधायक दल की बैठक होनी है, उसी के बाद सीएम के नाम की घोषणा होगी।

 

 

06.00 PM : राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी कर रहे हैं सिंधिया और कमलनाथ से चर्चा।

05.45 PM : भोपाल में रात 08.30 बजे होगी कांग्रेस के विधायक दल की बैठक।

05.30 PM : भोपाल कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे कमलनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में धन्यवाद देते पोस्टर

 

 

05.00 PM : भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद। सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने की हो रही मांग।

 

 

04.40 PM : सिंधिया के समर्थक पार्टी मुख्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए।

 

 

04.00 PM : सिंधिया के समर्थक हवन करते हुए।

 

राहुल के दिल्ली निवास पर कई दिग्गज नेता पहुंचे रहे हैं। बता दें कि राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं लगातार इनपुट ले रहे हैं। थोड़ी देर बाद राहुल मध्य प्रदेश के नए सीएम के नाम का ऐलान कर सकते हैं। थोड़ी देर पहले राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी भी उनसे मिलने के लिए दिल्ली निवास पर पहुंची हैं। 

राहुल गांधी ने सुबह संसद पहुंचकर उन्होंने 2001 आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अब अपने आवास पर लौट आए हैं। संसद से रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि सीएम के नामों को लेकर हम विधायकों और कार्यकर्ताओं से उनके इनपुट ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम पार्टी में अलग-अलग लोगों की राय जान रहे हैं। आप मुख्यमंत्री का नाम जल्द ही जान जाएंगे। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर पार्टी नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया है। थोड़ी देर में सचिन पायलट और अशोक गहलोत भी उनके घर आ सकते हैं। 

कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने बताया कि बुधवार को हुई बैठक में यह तय किया गया है कि सीएम चेहरे पर आखिरी फैसला राहुल गांधी करेंगे। उन्होंने कहा, 'पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में विधायक दल की बैठक में लंबी रायशुमारी हुई। इसके बाद यह फैसला लिया गया कि विधायक दलों की राय से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अवगत कराया जाएगा और फिर वे ही इस पर अंतिम फैसला लेंगे।'

 

 

इससे पहले बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ही राज्य में सीएम के लिए कमलनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसे कांग्रेस विधायकों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। बता दें कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से एके एंटनी विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे।
 

 

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 15 सालों से सत्ता का वनवास काट रही कांग्रेस की वापसी हो गई है। यहां कांग्रेस के हिस्से 114 सीटें आईं हैं। कांग्रेस को बसपा और सपा ने भी अपना समर्थन दे दिया है, जिसके बाद कांग्रेस आसानी से बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 116 पार कर रही है। बता दें कि इस चुनाव में बीजेपी को 109 सीटें मिली हैं। सीएम शिवराज अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को सौंप चुके हैं, वहीं कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल से मिल चुका है।