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मुस्लिम पार्टी विवाद: राहुल गांधी ने कहा- मेरे लिए धर्म और जाति के मायने नहीं

July 17th, 2018 22:19 IST
मुस्लिम पार्टी विवाद: राहुल गांधी ने कहा- मेरे लिए धर्म और जाति के मायने नहीं

हाईलाइट

  • मुस्लिम पार्टी विवाद पर बोले राहुल गांधी, धर्म मेरे लिए मायने नहीं रखता।
  • राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों को भी दर्द और पीड़ा है, मैं उन्हें गले लगाना चाहता हूं।
  • मुझे सभी जीवों से प्यार है और मैं नफरत और भय को मिटाना चाहता हूं। मैं कांग्रेसी हूं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुस्लिम पार्टी विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए धर्म और जाति खास मायने नहीं रखते हैं। उर्दू अखबार में छपी खबर के बाद भाजपा के निशाने पर आए राहुल ने कहा कि मैं पंक्ति में सबसे आखिर में खड़े शख्स के साथ हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि वे शोषित, सताए हुए और हशिये पर खड़े लोगों के साथ खड़े हैं। लोगों की जाति और आस्था उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है। इस विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक राहुल गांधी पर निशाना साध चुके हैं।

नफरत और भय मिटाना चाहता हूं
राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों को भी दर्द और पीड़ा है, मैं उन्हें गले लगाना चाहता हूं। मुझे सभी जीवों से प्यार है और मैं नफरत और भय को मिटाना चाहता हूं। मैं कांग्रेसी हूं।

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मोदी ने साधा था निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी कहने वाले कथित बयान पर 14 जुलाई को कहा था। मुझे इस बयान से आश्चर्य नहीं हुआ। मोदी ने कहा कुछ दिनों पहले मैं सुन रहा था कि एक नामदार नेता (राहुल गांधी) ने कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बाताया है। मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी एकबार कहा था कि देश के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार मुस्लिमों का है।

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ये है पूरा विवाद
राहुल गांधी कुछ दिनों पहले मुस्लिम बुद्धिजीवियों के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में राहुल ने कांग्रेस के बारे में टिप्पणी की थी। अगले दिन उर्दू अखबार इंकलाब ने एक कथित खबर छापकर दावा किया था कि राहुल गांधी ने कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी बताया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।