दैनिक भास्कर हिंदी: 23 दिन के बजट सेशन में कोई काम नहीं, NDA का कोई सांसद नहीं लेगा सैलरी

April 5th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बजट सेशन का दूसरा चरण शुक्रवार को खत्म हो रहा है, लेकिन 23 दिनों तक चले सेशन में एक दिन भी काम नहीं हो पाया। जिसके बाद NDA के सभी सांसदों ने बजट सेशन के दूसरे हिस्से में कोई कामकाज नहीं होने के कारण अपनी सैलरी और भत्ते नहीं लेने का फैसला लिया है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों पर बहस के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस के अड़ियल रुख की वजह से संसद में काम नहीं हो सका। बता दें कि इससे पहले बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी सदन में काम नहीं होने पर सांसदों की सैलरी काटने की वकालत की थी।

कांग्रेस काम करने से रोक रही है 

बुधवार शाम को कैबिनेट मीटिंग के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए सदन नहीं चलने पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि 'विपक्ष ने जो मुद्दे उठाए थे, सरकार उन सब पर बहस करने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस के अड़ियल रुख की वजह से संसद में कामकाज नहीं हो सका।' अनंत कुमार ने कांग्रेस पर गैर-लोकतांत्रिक तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'कांग्रेस पार्टी कई महत्वपूर्ण बिलों को पास होने से रोक रही है, जो जनता के पैसों की बर्बादी है।'

 

 



हमें सैलरी लेने का कोई हक नहीं

अनंत कुमार ने आगे कहा कि 'सांसदों का काम संसद में आकर जनता के हित के मुद्दों को उठाना होता है, लेकिन संसद में कोई कामकाज नहीं होने की वजह से NDA के सभी सांसदों ने 23 दिनों की सैलरी और भत्ते नहीं लेने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा 'ये पैसा हमें जनता की सेवा के लिए मिलता है और काम नहीं होने की वजह से हमें ये लेने का कोई हक नहीं है। इसलिए हम देश की जनता को इसे दे रहे हैं।'

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AAP पहले ही कर चुकी है ऐलान

NDA के सैलरी नहीं लेने वाले फैसले से पहले ही आम आदमी पार्टी के सांसद सैलरी नहीं लेने का ऐलान कर चुके है। आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पहले ही सभापति को चिट्ठी लिखकर संसद नहीं चलने की वजह से अपनी सैलरी नहीं लेने की बात कही थी। अब NDA के ऐलान के बाद संजय सिंह ने ट्वीटर पर भी लिखा कि 'आप सांसदों की पहल पर NDA सांसदों की तरफ से लिया गया फैसला स्वागत योग्य है। हम राजनीति करने नहीं बल्कि बदलने आए हैं।'

कल इस्तीफा दे सकते हैं YSRC के सांसद

बजट सेशन के दूसरे हिस्से में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग पर तेलगु देशम पार्टी और YSR कांग्रेस के सांसद लगातार हंगामा करते रहे। वहीं YSR कांग्रेस के नेता एम राजमोहन रेड्डी पहले ही कह चुके हैं कि अगर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नहीं मानी जाती है और बजट सेशन को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया जाता है, तो पार्टी के सभी सांसद इस्तीफा देंगे। बजट सेशन शुक्रवार को खत्म हो रहा है और केंद्र सरकार पहले आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग ठुकरा चुकी है।

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कब से कब तक था बजट सेशन?

 

बता दें कि बजट सेशन को दो हिस्सों चलाया गया था। बजट सेशन का पहला हिस्सा 29 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था, जो 9 फरवरी तक चला था। इसके बाद बजट सेशन का दूसरा हिस्सा 5 मार्च से शुरू हुआ, जो 6 अप्रैल को खत्म हो रहा है।