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तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल, खोज से मिलेगी एनीमिया-कैंसर के इलाज में मदद

October 08th, 2019 08:20 IST
तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल, खोज से मिलेगी एनीमिया-कैंसर के इलाज में मदद

हाईलाइट

  • तीन वैज्ञानिकों मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
  • 14 अक्टूबर तक होगी बाकी क्षेत्रों के लिए घोषणा

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। दुनिया के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार की घोषणा सोमवार से शुरू हो गई है। इस बार चिकित्सा के नोबल पुरस्कार के लिए तीन वैज्ञानिकों को सामूहिक रूप से चुना गया है। यह पुरस्कार अमेरिका के विलियम जी.केलिन जूनियर, ग्रेग सेमेन्जा और ब्रिटेन के सर पीटर जे. रैटक्लिफ को दिया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को भौतिकी और 14 अक्टूबर तक कुल 6 क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नामों का ऐलान होगा।

तीनों विज्ञानिकों की खोज
इस वर्ष के चिकित्सा नोबेल पुरस्कार प्राप्त तीनों वैज्ञानिको ने पता लगाया है कि ऑक्सीजन का स्तर किस तरह हमारे मेटाबोलिज्म और शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। इस खोज एनीमिया, कैंसर और अन्य बीमारियों के उपचार में मदद मिलेगी।

चिकित्सा नोबेल से जुड़ी खास बात
साल 1901 से 2018 के बीच कुल 216 लोगों को चिकित्सा नोबेल से सम्मानित किया गया है। अबतक कुल 12 महिलाओ को मेडिसिन में नोबेल दिया गया है। फ्रेडरिक जी. बैंटिंग (32) सबसे युवा चिकित्सा पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिक है। वहीं पेटोन राउस (87) सबसे बुजुर्ग चिकित्सा पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिक है। 

क्या मिलता है नोबेल पुरस्कार में ?
नोबेल पुरस्कार विजेता को साढ़े चार करोड़ रुपए राशि दी जाती है। वहीं 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का मेडल और सर्टिफिकेट दिया जाता है। पदक के एक तरफ अल्फ्रेड नोबल की छवि, उनका जन्म और मृत्यु की तिथि लिखी होती है। जबकि दूसरी तरफ यूनानी देवी आइसिस का चित्र, रॉयल एकेडमी ऑफ सांइस स्टॉकहोम और पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति की जानकारी होती है।

भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता
- रवींद्रनाथ टैगौर (साहित्य) 1913
- चंद्रशेखर वेंकटरमन (विज्ञान) 1930
- मदर टेरेसा (शांति) 1979
- अमत्य सेन (अर्थशास्त्र) 1998
- कैलाश सत्यार्थी (शांति) 2014

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का कार्यक्रम
- भौतिकी : 8 अक्टूबर
- रसायन शास्त्र : 9 अक्टूबर
- साहित्य : 10 अक्टूबर
- शांति : 11 अक्टूबर
- अर्थशास्त्र : 14 अक्टूबर

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।