comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर नोएडा डीएम पर बरसी शीर्ष अदालत

June 12th, 2020 22:00 IST
 क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर नोएडा डीएम पर बरसी शीर्ष अदालत

हाईलाइट

  • क्वारंटाइन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर नोएडा डीएम पर बरसी शीर्ष अदालत

नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोविड-19 क्वारंटीन प्रोटोकॉल पर राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सुहास एल. वाई. को फटकार लगाई।

न्यायाधीश अशोक भूषण, न्यायाधीश एस. के. कौल और न्यायाधीश एम. आर. शाह की पीठ ने नोएडा में होम क्वारंटाइन के बजाए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन को लागू किए जाने के नोएडा डीएम के आदेश की आलोचना की। पीठ ने कहा, राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के विपरीत दिशा-निर्देश नहीं हो सकते।

पीठ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच अंतर-राज्य आवाजाही पर प्रतिबंध हटाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने कहा कि ऐसी स्थिति अराजकता पैदा कर सकती है। पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने डीएम से आदेश की समीक्षा करने को भी कहा।

शीर्ष अदालत ने इस मामले की आगे की सुनवाई 17 जून को निर्धारित की है।

इस बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर पर आवागमन के मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दिल्ली, उप्र और हरियाणा के गृह सचिव के साथ ही केंद्रीय गृह सचिव की नौ जून को बैठक हुई थी, जिसमें अवगत कराया गया है कि दिल्ली-हरियाणा मार्ग पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

शीर्ष अदालत ने उप्र सरकार के वकील से यह पता लगाने के लिए कहा कि क्या नोएडा जिला मजिस्ट्रेट ने घर या संस्थागत क्वारंटाइन के बारे में राष्ट्रीय दिशानिर्देश के विपरीत आदेश जारी किए हैं।

न्यायमूर्ति भूषण ने कहा कि नोएडा डीएम ने उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किए गए निर्देशों के विपरीत निर्देश जारी किए थे। पीठ ने कहा, हालांकि आवश्यक सेवाओं की अनुमति है, लेकिन डीएम के आदेश उप्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं।

न्यायमूर्ति शाह ने मेहता से कहा कि वे इस मामले को देखें और सुनिश्चित करें कि राज्य राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन न करें।

इस बीच उप्र सरकार के वकील ने कहा कि राज्य ने डॉक्टरों, अधिवक्ताओं, मीडियाकर्मी और अन्य लोगों को सीमाओं पर ई-पास दिखाकर बॉर्डर पार करने की अनुमति दी है।

दिल्ली-एनसीआर में अंतर-राज्य आवागमन से संबंधित मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने चार जून को कहा था कि यह प्रयास होना चाहिए कि एनसीआर में अंतर-राज्य यात्रा के लिए एक आम नीति, एक आम पोर्टल और एक पास हो।

कमेंट करें
53Blc
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।