दैनिक भास्कर हिंदी: कमलनाथ ने ली CM पद की शपथ, बने मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री

December 17th, 2018

हाईलाइट

  • सपा और बसपा दे रही है कांग्रेस को समर्थन
  • दोपहर 1.30 बजे शपथ लेंगे कमलनाथ
  • मप्र में कांग्रेस को मिली हैं 114 सीट

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने सोमवार को मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप शपथ ली। पंद्रह साल बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में जीत हासिल की है। 11 दिसंबर को आए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के रिजल्ट में कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं, जिसके बाद सपा और बसपा ने भी कांग्रेस को अपना समर्थन दे दिया था, जिसके बाद कांग्रेस को बहुमत में लिए जरूरी 116 सीटें मिल गई थीं। समारोह का आयोजन भोपाल के जंबूरी मैदान में किया गया, जिसमें सपा, बसपा, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी भोपाल पहुंचे थे।

 

 


 

LIVE UPDATES

 

02.30PM : मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बने कमलनाथ।

02.20PM : कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया का हाथ विजय मुद्रा में ऊपर उठाया।

02.09 PM : मंच पर पहुंचे कमलनाथ और राहुल गांधी, कुछ ही देर में लेंगे शपथ

02.09 PM : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे मंच पर, साथ में हैं मनमोहन सिंह।

02.09 PM : मंच पर पहुंचे कमलनाथ, कुछ ही देर में पहुंचेंगे राहुल गांधी।

01.30 PM : सभी धर्मों के गुरु मंच पर मौजूद।

01.05 PM : मंच पर दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव, गोविंद गोयल, कैलाश मिश्रा, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी के अलावा चंद्रबाबू नायडू, सपा से अबू आजमी, शरद यादव (लोजद), शरद पवार (एनसीपी), आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू (तेदेपा), फारूख अब्दुल्ला (नेकां), स्टालिन (डीएमके), एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी मौजूद।

01.05 PM : मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बाबूलाल गौर भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे, कैलाश जोशी भी साथ।

 

 

12.55 PM : पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने की राहुल गांधी से मुलाकात।

12.45 PM : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे भोपाल, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एनसीपी चीफ शरद पवार भी साथ

 

 

 

बता दें कि कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के कयास तब से ही लगाए जाने लगे थे, जब उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था, हालांकि, चुनाव के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल माना जा रहा था, लेकिन अंत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमलनाथ को ही मध्य प्रदेश का मुखिया घोषित किया। कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने के बाद ज्योतिरादित्य खेमे के 15 विधायकों ने सिंधिया के दिल्ली स्थित निवास पर पहुंचकर नारेबाजी की थी, वो सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे थे। कमलनाथ को विधानसभा सदस्य बनाने के लिए उनके इलाके छिंदवाड़ा की सात सीटों में से ही किसी एक से चुनाव लड़ाया जाएगा। नियमों के मुताबिक, कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के अंदर ही मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायक बनना जरुरी है।

 

 

अधिकारियों में मची खलबली
मप्र में कांग्रेस सरकार आते ही अधिकारियों में खलबली मचना प्रारंभ हो गई है। सभी जानते हैं कि सरकार अपने पसंद के अफसर प्रशासन में रखती है। इस लिहाज से पूरे प्रदेश में प्रशासनिक सर्जरी होना तय माना जा रहा है। इस सर्जरी से हर जिला के प्रमुख अधिकारियों में खलबली मची हुई है। अफसरों को पीसीसी चीफ कमलनाथ की वो चेतावनी भी याद आ रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अफसर सही से काम करें वरना 11 दिसंबर के बाद 12 तारीख भी आएगी।

भाजपा सरकार के कार्यकाल में छह माह का एक्सटेंशन पाने वाले मुख्य सचिव बीपी सिंह का पुर्नवास अब खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। सचिवालय में पहले पदस्थ रहे अफसरों को कांग्रेस सरकार में फिर मौका मिलने की संभावना है। इनमें कई विभागों में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अफसरों और एक दर्जन जिलों के कलेक्टरों को भी बदले जाने की कवायद तेज है। इसके अलावा मुख्य सचिव बीपी सिंह का कार्यकाल इसी माह समाप्त हो रहा है। इसके चलते नई सरकार में मुख्यमंत्री की ताजपोशी के साथ ही नया मुख्य सचिव नियुक्त भी नियुक्त होने की पूरी संभावना है।