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हमारा परिवार संस्था ने बताया देश को आत्मनिर्भर बनाने का फॉर्मूला

June 21st, 2020 18:30 IST
 हमारा परिवार संस्था ने बताया देश को आत्मनिर्भर बनाने का फॉर्मूला

हाईलाइट

  • हमारा परिवार संस्था ने बताया देश को आत्मनिर्भर बनाने का फॉर्मूला

नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े सहयोगी संगठन इन दिनों स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने में जुटे हैं। संघ से जुड़ी संस्था हमारा परिवार की ओर से रविवार को आयोजित कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता के लिए अपना उत्पाद बनाकर बेचने की वकालत की गई।

वक्ताओं ने कहा कि पूरी दुनिया की तरह भारत भी आज चीनी वायरस की त्रासदी से जूझ रहा है, इसका पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है, इसलिए आज स्वदेशी अपनाकर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने बनने की आवश्यकता है।

हमारा परिवार की ओर से आयोजित वर्चुअल प्रोग्राम में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मार्कण्डेय आहूजा ने कहा कि स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से ही देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, हमें किसी विदेशी मदद की आवश्यकता नहीं, देश में सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में मौजूद है, जिसके जरिए हम आगे बढ़ सकते हैं।

डॉ.आहूजा ने आगे कहा कि स्वदेशी से स्वावलंबी और स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता आती है। यह तीनों कड़ियां एक.दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसकी कड़ी बनी रहना चाहिए। यदि हम खुद अपना उत्पाद बनाकर बेचेंगे तो आत्म निर्भरता तो आएगी ही। इसके लिए सामाजिक ज्ञान की बेहद आवश्यकता है।

इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कई प्रमुख उद्यमी, समाजसेवी, शिक्षाविद, व अन्य प्रबुद्धजन शामिल रहे। हमारा परिवार संगठन के प्रेरक डॉ. सुरेंद्र ने कहा, हम प्राचीन भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जो छोटे काम धंधे थे, उसी पटरी पर हम लौट रहे हैं। स्वदेशी का यही विचार है, इसी मार्ग पर चलकर आत्मनिर्भरता आएगी।

मीडिया प्रमुख कपिल बंसल ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 5 जुलाई को फेसबुक लाइव के माध्यम से अगला कार्यक्रम आयोजित होगा। इस लाइव कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में साध्वी ऋतंभरा का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

इस मौके पर डॉ. पी.के. सिंघल, राजकुमार गोयल, संयोजक डॉ. प्रवीण, आईआरएस अधिकारी राघवेंद्र पाल सिंह, राजीव रायजादा, सुरेश खत्री, योगेश सैनी, कमल भूषण आदि मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।