दैनिक भास्कर हिंदी: अमित शाह के आरोपों पर महबूबा बोलीं- हर फैसले में साथ थी बीजेपी

June 25th, 2018

हाईलाइट

  • मुफ्ती ने कहा कि जम्मू और लद्दाख से भेदभाव के आरोप पूरी तरह से निराधार है।
  • महबूबा मुफ्ती ने रविवार को एक के बाद एक लगातार 6 ट्वीट किए।
  • मुफ्ती ने कहा कि केंद्र या राज्य के सामने इन मुद्दों को पहले क्यों नहीं उठाया गया।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह के जम्मू और लद्दाख के साथ भेदभाव के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने पलटवार किया है। मुफ्ती ने कहा कि जम्मू और लद्दाख से भेदभाव के आरोप पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने कहा कि ये जरूरी था कि घाटी पर ध्यान दिया जाए और अगर ये भेदभाव था तो केंद्र या राज्य के सामने इस मुद्दे को पहले क्यों नहीं उठाया गया।

महबूबा मुफ्ती ने रविवार को एक के बाद एक लगातार 6 ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, कई गलत आरोप हमारे पूर्व सहयोगियों ने हम पर लगाए हैं। हमने गठबंधन के एजेंडा जिसे राजनाथ सिंह जैसे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने बनाया था, को कभी भी हमने टूटने नहीं दिया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसके बाद भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए हम पर ऐसे आरोप लगाए।

 

 

दूसरे ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने कहा, आर्टिकल 370 पर यथास्थिति, पाकिस्तान और हुर्रियत से बातचीत गठबंधन के एजेंडा का हिस्सा था। वार्ता को बढ़ावा देने, पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापसी और एकतरफा सीजफायर भरोसा बहाल करने के उपायों के तौर पर काफी जरूरी थी। इस पर बीजेपी ने पूरी तरह से समर्थन किया था।

 

 


तीसरे ट्वीट में भेदभाव के आरोपों का जवाब देते हुए लिखा, जम्मू और लद्दाख से भेदभाव के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। यह जरूर है कि काफी लंबे समय से घाटी के हालात बनते-बिगड़ते रहे और 2014 की बाढ़ के बाद स्थितियां और खराब हुईं। इसीलिए घाटी में विशेष ध्यान देने की जरुरत थी, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की दूसरी जगहों पर कम विकास हुआ।

 

 


चौथे ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट के मंत्री रहे बीजेपी के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, अगर देखना हो तो उन्हें अपने उन मंत्रियों के परफॉर्मेंस की समीक्षा करनी चाहिए, जिन्होंने बड़े स्तर पर जम्मू संभाग का नेतृत्व किया लेकिन अगर भेदभाव जैसी ऐसी चीजें थीं, तो उनमें से किसी ने केंद्र या राज्य के सामने इसे लेकर कोई चर्चा नहीं की।

 

 


पांचवे ट्वीट में मुफ्ती ने रसाना रेप और मर्डर केस का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, रसाना रेप और मर्डर केस को सीबीआई के हवाले न करना, बलात्कार का समर्थन करने वाले मंत्रियों को हटाना और गुर्जर, बकरवाल समुदाय को प्रताड़ित न करने वाले आदेश दोनों समुदायों में सुरक्षा की भावना के लिए सीएम के तौर पर मेरी ड्यूटी थी।

 

 


छटवें ट्वीट में मुफ्ती ने लिखा, शुजात बुखारी के हत्याकांड के बाद बीजेपी के एक विधायक ने घाटी में पत्रकारों को अभिव्यक्ति की आजादी के विषय पर धमकी दी है। ऐसे में अब बीजेपी अपने नेता पर क्या कार्रवाई करने जा रही है। बता दें कि पीडीपी-बीजेपी की गठबंधन सरकार में वन मंत्री रहे बीजेपी नेता लाल सिंह शनिवार को पत्रकारों को ये धमकी दी थी।