दैनिक भास्कर हिंदी: राम मंदिर से लेकर किसानों के मुद्दों तक क्या बोले पीएम मोदी, यहां पढ़ें पूरा इंटरव्यू..

January 2nd, 2019

हाईलाइट

  • पीएम मोदी ने कहा राम मंदिर पर तब तक अध्यादेश नहीं आएगा जब तक इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।
  • पीएम ने कहा राम मंदिर कानून के तहत ही बनेगा।
  • पीएम ने अपने इंटरव्यू में कांग्रेस पर न्यायिक प्रक्रिया को धीमी करने का भी आरोप लगाया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को नए साल का पहला इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू में उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से लेकर किसानों के मुद्दों तक हर सवाल के जवाब दिए। इसमें नोटबंदी, राफेल, मॉब लिंचिंग, पांच राज्यों में मिली हार, तीन तलाक, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे आदि से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल थे। पीएम ने आगामी लोकसभा चुनाव से जुडे़ मुद्दे, महागठबंधन की संभावनाएं आदि पर भी अपनी बात रखी। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी बतायी। इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा केन्द्र सरकार पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों के भी जवाब दिए।

राम मंदिर निर्माण पर क्या बोले मोदी?
इंटरव्यू में पीएम ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के वकील अड़ंगा लगा रहे हैं। इसी कारण न्यायिक प्रक्रिया धीमी हो गई है। जब पीएम से ये पूछा गया कि क्या राम मंदिर का मुद्दा भाजपा के लिए केवल एक भावनात्मक मुद्दा था? इस पर पीएम ने कहा 'मेनिफेस्टो में हमने कहा था कि संविधान के दायरे में रहकर राम मंदिर का कोई भी समाधान निकाला जाएगा।' पीएम से जब पूछा गया कि क्या सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश ला सकती है? इस सवाल पर पीएम ने कहा, ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है और लगभग फाइनल स्टेज में है। उन्होंने कहा 'न्यायिक प्रक्रिया को खत्म हो जाने दीजिए। न्यायिक प्रक्रिया के खत्म होने के बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी उसके लिए पूरे प्रयास करने के लिए हम तैयार है।'

5 राज्यों में मिली हार पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी ने कहा कि 'तेलंगाना और मिजोरम में बीजेपी सत्ता में आएगी ऐसी बात ना कोई सोचता था और ना कोई कहता था और ना भाजपा कहती थी। जिन तीन राज्यों में बीजेपी हारी, उस पर पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साफ-साफ नतीजा आया जिसमें भारतीय जनता पार्टी की पराजय हुई। लेकिन दो राज्यों में खंडित जनादेश आया है।' पीएम ने कहा, 'दूसरी बात है कि 15 साल की सत्ता विरोधी लहर को लेकर हमारे लोग मैदान में थे। स्वाभाविक है जो कुछ भी हमारी कमी हुई है उसकी हम चर्चा भी कर रहे हैं और योजना भी कर रहे हैं। उसके साथ-साथ हरियाणा में स्थानीय चुनाव में जीत गए। त्रिपुरा के अंदर 90 से 95 फीसदी सीटों पर जीत हासिल हुई। जम्मू कश्मीर में 74 पोलिंग हुई और बीजेपी व उससे जुड़े लोगों की जीत हुई। जीत और हार ही एक मापदंड नहीं होता है।

नोटबंदी पर क्या बोले पीएम?
नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि 'यह झटका नहीं था। हमने एक साल पहले लोगों को चेतावनी दी थी कि यदि आपके पास ऐसा धन (काला धन) है तो आप इसे जमा करा सकते हैं। पेनाल्टी दे दें तो आपकी मदद की जाएगी। हालांकि उन्होंने सोचा कि मोदी भी दूसरों की तरह व्यवहार करेगा और इसलिए बहुत कम लोग आगे आए।' पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमारे देश में बार बार खबरें आती थीं काला धन-काला धन। कोई इस बात से इनकार नहीं करता था कि देश में एक पैरलल इकोनॉमी चल रही है। नेताओं, व्यापारियों और बाबूओं के घर से कैश बरामदगी होती थी। हमारे देश में फॉर्मल इकोनॉमी की जरूरत थी। पैरलल इकोनॉमी ने देश को खोखला कर दिया था। देश की आर्थिक सेहत को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी था।'

माल्या-नीरव जैसे भगोड़ों पर क्या कहा पीएम ने?
पीएम मोदी ने कहा कि वे भागे ही क्यों। इसलिए क्योंकि यहां उन्हें पाई-पाई चुकानी पड़ती। उनके लिए कड़े कानून बनाए हैं और हर नियम-कानून का इस्तेमाल कर वापसी की कोशिश की जा रही है। ऐसे लोगों की विदेशों में भी संपत्ति जब्त करने का प्रयास किया गया है। भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे रॉबर्ट वाड्रा और अन्य लोगों के खुलेआम घूमने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि वे लोग जमानत पर बाहर हैं। जो जमानत पर हैं, वे सैर कर सकते हैं। हमारा किसी व्यक्ति या संस्था से कोई लेना-देना नहीं है। 

GST पर क्या बोले मोदी?
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी GST को गब्बर सिंह टैक्स बताते हैं और लगातार इस पर सवाल उठा रहे हैं? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा 'जिसकी जैसी सोच होती है उसके वैसे शब्द निकलते हैं।' उन्होंने पूछा क्या GST को सभी दलों की सर्वसम्मति से लागू नहीं किया गया? उन्होंने कहा संसद में GST सर्वसम्मति से पास हुआ है।पीएम ने कहा 'ये पता होता चाहिए कि GST आने से पहले टैक्स क्या लगता था? उन्होंने कहा हमारे देश में पहले 30-40 परसेंट टैक्स होता था। हिडन टैक्स भी लगता था। GST के कारण 500 से ज्यादा चीजें कम टैक्स के दायरे में आ गई। रोजाना इस्तेमाल में आने वाली कई चीजों पर टैक्स टैक्स काफी कम हुए है।'

पीएम ने कहा GST के सभी निर्णय काउंसिल में होते है। इस बात को सभी लोगों को समझने की जरुरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 'GST काउंसिल में पुडुचेरी और भारत सरकार एक बराबर है। इसीलिए इस विषय पर राजनीतिक हो हल्ला करना सही नहीं है।' पीएम ने कहा, देश में इतना बड़ा परिवर्तन लाया गया है इससे छोटे व्यापारियों को थोड़ी तकलीफ जुरू हुई है यह हम मानते है, लेकिन  हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी बात समझे और इसका समाधान निकाले। हम लगातार GST को सरल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा सरकार ने इतने बड़े देश जो हासिल किया है वो छोटा नहीं है।  

मिडिल क्लास के लिए क्या है...?
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि आपकी सरकार ने देश में मिडिल क्लास के लिए क्या काम किए तो इसे लेकर पीएम ने कहा कि 'मिडिल क्लास के लिए लोगों को सोच बदलना पड़ेगा। वो स्वाभिमान से जीने वाला वर्ग है। देश में सबसे बड़ा योगदान मध्यम वर्ग का ही है। मिडल क्लास की चिंता हमारी सरकार का दायित्व है।' उन्होंने कहा '2013-14 में महंगाई दर क्या थी और अभी क्या है ये आप देख लीजिए। महंगाई कम होने का सीधा फायदा मध्यम वर्ग को ही होता है।'उन्होंने कहा कि सरकार मिडल क्लास के लिए उड़ान योजना लेकर आई है जिसमें 2500 रुपए में हवाई यात्रा की जा सकती है। इस योजना के आने के बाद मिडल क्लास के लोग ट्रेन के एसी क्लास में सफर करने से ज्यादा हवाई जहाज में सफर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा गरीब लोगों के लिए लाई गई आयूषमान भारत योजना का फायदा मध्यम वर्ग को भी मिला है। इस योजना के कारण देश में बड़ी मात्रा में अस्पताल बन रहे हैं, इससे रोजगार रोजगार पैदा हो रहा और इसका फायदा मिडल क्लास को भी मिल  रहा है। एक और योजना का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मुद्रा योजना का फायदा मिडिल क्लास को हुआ है। इसके अलावा सरकार ने मिडिल क्लास को घर बनाने में भी मदद की है। उन्होंने कहा स्टार्टअप को भी मिडिल क्लास ही ड्राइव कर रहा है। LED बल्ब योजना का भी फायदा मिडिल क्लास को हुआ है जिससे उनके घरों के बिल हजारों रुपए कम हो गए हैं।

किसानों के लिए क्या कहा पीएम मोदी ने?
पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के कर्ज माफी पर जिस तरह से कांग्रेस झूठ बोल रही है उसे उन्होंने अपने भाषण में लॉलीपाप कहा था। पीएम ने कहा हकीकत में किसानों का कर्ज माफ हुआ ही नहीं है। उन्होंने कहा किसी जिम्मेदार राजनीतिक दल को इस तरह की झूठी बयानबाजी नहीं करना चाहिए। पीएम ने कहा, 'किसानो का कर्ज माफ से अगर उनकी भलाई होती है तो जरूर करना चाहिए। पहले की सरकारों ने भी ऐसा किया है, लेकिन बार-बार कर्ज माफी के बाद भी किसान कर्जदार क्यों हो रहा है ये एक बड़ा सवाल है? पीएम ने कहा इसका उपाय ये है कि किसान को मजबूत बनाना होगा। बीज से लेकर बाजर तक किसानों को सुविधा देना होगा।

पीएम ने कहा केंद्र सरकार ने इसके लिए कई कदम भी उठाए हैं। करीब 100 योजनाएं सालों से अटकी थी जिसे केंद्र सरकार ने लागू किया है। उन्होंने कहा उत्पादन के बाद फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज वेयर हाउसिंग और ट्रांस्पोर्टेशन की सुविधा को सरकार ने बेहतर बनाया है। उन्होंने कहा हम किसान को अन्नदाता के साथ-साथ उर्जादाता भी बनाना चाहते हैं। हम चाहते है कि वह सौर उर्जा से बिजली भी पैदा करें। इसके अलावा मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) की मांग को लेकर पीएम ने कहा कि 22 फसलों पर हमने MSP तय कर दी है। उन्होंने कहा पहले की सरकारों ने इसे कर दिया होता तो आज ये नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा इस मामले पर राज्य सरकारें चुनावी स्टंट कर रही है। पीएम ने कहा सरकार इसके लिए हर कदम उठाने के लिए तैयार है।

मॉब लिंचिंग जैसे घटनाओं पर पीएम ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं की भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। ये गलत और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि दूसरी बात ये है कि क्या ऐसी घटनाएं केवल 2014 के बाद शुरू हुई है? यद‍ि हां, तो यह समाज में आई कमी का भी एक परिणाम है। इस स्‍थ‍िति को सुधारने के लिए हम सबको प्रयास करना चाहिए। मैं इस सरकार में ये होता है, उस सरकार में वह होता था, उस चर्चा को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हूं। एक भी घटना हो, गलत है। यह बड़ा स्‍पष्‍ट मत है। उन्होंने अरब कंट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि अरब कंट्री में बहुत बड़े मुस्‍ल‍िम विद्वान हैं, उन्‍होंने एक बहुत अच्‍छा आर्टिकल लिखा था जो मैंने 1 साल पहले पढ़ा था।

इन्‍होंने कहा कि भारत से हमें सीखना चाहिए कि जहां विश्‍व के सभी संप्रदाय रहते हैं, बहुत बड़ी मात्रा में जनसंख्‍या है लेकिन इतने मिलजुल कर प्‍यार से रहते हैं। जबकि हम एक ही संप्रदाय को मानने वाले लोग एक-दूसरे को मारने में तुले हुए हैं। ये गल्‍फ कंट्री में लिखा हुआ एक मुस्‍ल‍िम आर्टिकल है। भारत को गर्व करना चाहिए कि हम सदियों से मिलजुल कर रह रहे हैं। उन्होंने कहा हर चुनाव से पहले कुछ लोगों को असहिष्‍णुता दिखने लग जाती है तो ये किसी का एजेंडा होता है। इस पर टीका टिप्‍पणी करने का कोई मतलब नहीं है। हमारा तो मोटिव है सबका साथ-सबका विकास।

ट्रिपल तलाक और सबरीमाला पर क्या कहा पीएम मोदी ने?
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि आप ट्रिपल तलाक को सही नहीं मानते हैं और इसे लेकर कानून बनाना चाहते है जबकि सबरीमाला मंंदिर पर आपकी राय अलग है ऐसा क्यों? इस सवाल पर पीएम ने कहा कि ये दोनों मामले अलग-अलग है। अधिकतर इस्लामिक देशों में ट्रिपल तलाक बैन है। यहां तक की पाकिस्तान में भी ट्रिपल तलाक पर रोक लगाई गई है, ऐसे में यह कहा जा सकता है कि यह धर्म या आस्था से जुड़ा मुद्दा नहीं। ट्रिपल तलाक का विषय मूल रूप से समाजिक न्याय और लैंगिक समानता से जुड़ा है, ऐसे में आस्था और इस मुद्दे को बिल्कुल अलग रखना होगा।

वहीं सबरीमाला मंदिर को लेकर पीएम ने कहा, 'पूरे भारत में सभी को समान अधिकार देने की प्रथा रही है, लेकिन कुछ मंदिरों की अपनी मान्यताएं हैं और इसका एक छोटा सा दायरा है। कुछ मंदिरों में पुरुषों का जाना मना है तो कुछ मंदिरों में महिलाओं को प्रवेश ना देने की प्रथा है और पुरुष भी इन मंदिरों में नहीं जाते। ऐसे में सबरीमाला के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की महिला जज का जो स्टेटमेंट है उसको बारीकी से पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने एक महिला जज के नाते इस समस्या को देखकर कुछ सुझाव दिए हैं, कभी ना कभी उन पर भी चर्चा होनी चाहिए।'

महागठबंधन पर क्या कहा पीएम मोदी ने?
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि केसीआर जो महागठबंधन बना रहे हैं उसे बीजेपी भी समर्थन दे रही है ऐसी खबरें आ रही है? इस सवाल के जवाब में पीएम ने कहा कि ऐसे किसी गठबंधन के बारे में मुझ नहीं पता। वहीं उन्होंने 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों विपक्ष के महागठबंधन की चुनौती को लेकर कहा कि जनता जानती है कि पहले भ्रष्टाचार का विकेंद्रीकरण था, जो राज्य था वो वहां लूटता था, जो केंद्र में था वो वहां लूटता था। जनता तय करेगी कि क्या उसे उन्हें उन भ्रष्ट ताकतों से साथ जाना है जो एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, हाल में कुछ सर्वे में कहा गया कि 2019 में बीजेपी 180 सीटों पर सिमट जाएगी इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी ही कहानी 2013 से गढ़ी जा रही थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसमें कोई वैज्ञानिक अध्ययन किया गया?

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि इस तरह की बातें नहीं फैलाई जाएंगी तो लोग गठबंधन से कैसे जुड़ेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इन दलो में एकता नहीं है और न ही कोई संयुक्त विजन है कि वे देश के लिए क्या करना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि पिछले पांच सालों की मीडिया रिपोर्ट्स का विश्लेषण किया जाए तो पाएंगे कि गठबंधन में कुछ ठोस नहीं है। वे अभी भी अलग-अलग आवाज में बात करते हैं। वे एक दूसरे की तरफ खुद को बचाने के लिए देख रहे हैं। वो एक दूसरे से हाथ मिलाते हैं ताकि खुद को बचा सकें। असली खेल यही है। NDA कs सहयोगी दल शिवसेना और हाल में गठबंधन छोड़कर अलग हुई टीडीपी के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि कभी-कभी कुछ लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं होती हैं और कुछ यह समझते हैं कि दबाव बनाने से उनका फायदा होगा। लेकिन हमारी कोशिश सभी को सुनते हुए साथ लेकर चलने की है।

CBI और RBI को लेकर क्या कहा पीएम ने?
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के सवाल उठाने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार था तब ज्यूडिशियरी और पीएमओ में कई ऐसे काम किए गए जिन्हें सही नहीं ठहराया जा सकता। पीएम ने कहा CBI के डायरेक्टरों को छुट्टी पर भेजने को लेकर कहा कि ये CBI का इंटरनल मामला था इसीलिए दोनों डायरेक्टरों को छुट्टी पर भेज दिया गया। वहीं उन्होंने RBI गवर्नर उर्जित पटले के इस्तीफे को लेकर कहा कि  'उन्होंने खुद के व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ने की गुजारिश की थी। मैं पहली बार इस बात का खुलासा कर रहा हूं कि वह 6-7 महीने से इस्तीफे के बारे में मुझे बता रहे थे। उन्होंने लिखित में भी दिया था। राजनीतिक दबाव का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में अच्छा काम किया।' 

राफेल जेट डील को लेकर क्या कहा पीएम ने?
राफेल जेट डील में विपक्ष की ओर से लगातार लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरे ऊपर लगाए जा रहे व्यकित्गत आरोप नहीं है। ये आरोप सरकार पर है। उन्होंने कहा, 'संसद में मैंने राफेल डील को लेकर विस्तार से जवाब दिया है। हर जगह मैंने इसे बारे में विस्तार से बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे मामले में अपना फैसला सुना दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति भी इसे लेकर अपना जवाब दे चुके हैं।' पीएम ने कहा कि मीडिया को कांग्रेस से सवाल पूछना चाहिए कि उनके पास इसके क्या सबूत है कि इस डील में भ्रष्टाचार हुआ है। पत्थर मारकर, कीचड़ उछालकर नहीं भागना चाहिए। उन्हें यह बोलने की बीमारी है तो मुझे क्या उसमें उलझा रहना चाहिए।

पीएम ने कहा देश में जब भी डिफेंस डील होती है तो ये विवादों में क्यों आ जाती है? इस पर विचार किया जाना चाहिए। पीएम ने कहा डिफेंस डील में दलालों की क्या जरुरत है। उन्होंने कहा 70 साल पहले आगर मेक इन इंडिया शुरू हो गया होता तो देश मैं ही हथियार बनते। पीएम ने कहा 'मैं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में लगा हुआ हूं। मैंने तय किया है कि जितने भी आरोप लगेंगे लगने दीजिए, मैंने सेना कि हर जरुरत पूरी करूंगा। मैं ईमानदारी और सत्य के साथ जीने वाला इंसान हूं।' 

सर्जिकल स्ट्राइक पर क्या कहा पीएम ने?
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर हो रही राजनीति को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि 'मैं खुद कहता हूं कि इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी सेना के अफसर ने दी थी, किसी मंत्री या प्रधानमंत्री ने नहीं। ये बात यहीं खत्म हो गई थी, लेकिन उसी दिन पॉलिटिकल पार्टी के कुछ लोगों ने इस पर सवाल खड़े किए। इस मुद्दे का राजनीतिकरण वहीं से शुरू हुआ। पीएम ने कहा कि इन लोगों ने अपने देश की सेना के लिए अनाप-शनाप शब्द बोले ये गलत है। उन्होंने कहा 'स्पष्ट तौर पर इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। हम सब का दायित्व बनाता है कि हम सेना के पराक्रम का हर जगह जिक्र करें। देश का गौरवगान हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा?' पीएम ने अपने इंटरव्यू के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी भी बताई कि कैसे सर्जिकल स्ट्राइक को प्लान किया गया था, क्या-क्या इसमें परेशानियां थी और किस तरह से इसे अंजाम दिया गया।

पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर क्या कहा पीएम ने?
पीएम मोदी से जब ये पूछा गया कि क्या पाकिस्तान में नई सरकार के आने के बाद उनसे बातचीत फिर शुरू होगी। इस सवाल पर पीएम ने कहा कि 'चाहे यूपीए की सरकार हो या एनडीए की, किसी ने भी कभी बातचीत का विरोध नहीं किया। हमारे देश की सतत नीति है, चाहे मोदी सरकार हो या मनमोहन सिंह सरकार हो, हम सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हैं। हमारा सिर्फ इतना कहना है कि बम और बंदूक के शोर में बातचीत नहीं सुनी जा सकती। सीमा पार से आतंकवाद खत्म होना चाहिए, हम इस बात पर लगातार दबाव बना रहे हैं।' पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ऐसा माहौल बनाया है जिससे पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा सार्क सम्मेलन में पाकिस्तान जाने के निमंत्रण के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पुल तब पार करेंगे जब वहां पहुंचेंगे।

विदेश यात्राओं को लेकर क्या कहा पीएम ने?
पीएम ने कहा कि लगभग हर पीएम की यात्राएं करीब-करीब इतनी ही होती है। इसमें कोई ज्यादा फर्क नहीं रहा है। आज के समय में कई तरह के फोरम बनने के चलते ऐसा करना पड़ता है। आपको समिट में जाना ही पड़ता है। यह एक प्रकार से अनिवार्य हो गया है। अगर प्रधानमंत्री से नीचे के लेवल के लोग जाते हैं तो वहां हमारी आवाज नहीं सुनाई देती है।पहले एक यूएन जेनरल असेंबली हुआ करती थी और वहां दुनिया के लोगों के सामने अपनी बात रख के वापस आ जाते थे। उन्होंने कहा कि मेरा इतना ही है कि मैं कहीं जाता हूं तो पड़ोस के भी देशों में होकर आता हूं। ताकि कम खर्चें में भारत की दुनियाभर में बात पहुंचे। पहले जो जाते थे तो कोई नोटिस ही नहीं करता था। जहां जाते थे वहां भी कोई नोटिस नहीं करता था, जहां से जाते थे उनको भी पता नहीं चलता था कि गए की आए, लेकिन मैं जब जाता हूं और आता हूं तो दोनों जगहों पर चर्चा होती है।

गंगा की सफाई को लेकर क्या कहा पीएम ने?
पीएम मोदी से जब ये सवाल पूछा गया कि आखिर क्यों अभी तक गंगा की सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया है? इसके जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि एक बेटे के रूप में ईमानदारी से मैंने अपना काम किया है। उन्होंने कहा कि 120 साल पुराना एक नाला था जिसका करोड़ों लीटर गंदा पानी गंगा में मिलता था उसे हमने बंद किया है। पीएम ने कहा, चार हजार गांव खुले में शौचालय से मुक्त हो गए जो गंगा किनारे थे। पहला काम था गंगा को गंदी करने से रोकना। सैनिटेशन के तीन-चाल साल के प्रोजेक्ट होते हैं वो चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन, इंटरनेशनल रिपोर्ट देखा होगा कि गंगा पानी में शुद्धता दिखाई देने लगी है। हमारी दिशा सही है और ये हो जाएगा।

पीएम ने शेयर किया संसद का एक्सपीरियंस
पीएम मोदी ने अपने पिछले साढ़े चार साल में रहे संसद के एक्सपीरियंस को लेकर कहा कि संसद में चर्चा कम होती जा रही है। इससे देश का नुकसान हो रहा है। संसद का काम है कि व्यवस्था पर दबाव पैदा हो। ब्यूरोक्रेसी पर दबाव बढ़े। मैं चाहता हूं कि हमारी संसद और जागृत हो। सांसदों को अपनी बात रखने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि मैंने जो काम किया है, उसका मूल्यांकन जनता पर छोड़ दिया है। मैं नॉन एलिट वाली दुनिया का प्रतिनिधि हूं। 

 

 

 

 

 

 

खबरें और भी हैं...