दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली में कूड़ा : सुप्रीम कोर्ट की LG को फटकार, कहा- क्यों न कूड़ा राजनिवास के बाहर फेंका जाए?

August 6th, 2018

हाईलाइट

  • दिल्ली में कूड़े के ढेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उप राज्यपाल (LG) को फटकार लगाई है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, क्यों न इसे राजनिवास के बाहर फेंका जाए?
  • इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में कूड़े के ढेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उप राज्यपाल (LG) अनिल बैजल को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपके वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट दिसम्बर तक शुरू होंगे, तब तक आप किसी के घर से निकला कचरा, दूसरों के घर के सामने फेकेंगे। फिर क्यों न इसे राजनिवास के बाहर फेंका जाए? बता दें कि दिल्ली में कई बड़े-बड़े लैंडफील साइट हैं। इसको खत्म करने को लेकर सरकार के रवैये से नाराज संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने सोनिया विहार के लोगों के विरोध को जायज बताया। कोर्ट ने कहा कि दक्षिणी दिल्ली से 1800 टन कूड़ा रोज़ इकट्ठा होता है और वहां का कूड़ा सोनिया विहार इलाके में फेंका जाता है। यह वहां के लोगों के लिए नाइंसाफी है। अगर कोई इलाका गरीबों या मजदूरों का है तो उनके घरों के पास कूड़े का पहाड़ नहीं खड़ा किया जा सकता। अलग-अलग तरह के कूड़े को एक साथ डंप करने पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि "इन्हें अलग क्यों नहीं किया जाता? घरों से ही इसकी शुरुआत क्यों नहीं की जाती? लोगों को इस बारे में बताएं, जो इसका पालन न करें, उन पर जुर्माना लगाएं।"

गौरतलब है कि दिल्ली में कई बड़े-बड़े लैंडफील साइट हैं। इसको खत्म करने को लेकर सरकार के रवैये से नाराज संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसी पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है। इससे पहले एक सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एलजी और दिल्ली सरकार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा था कि वे ये बताएं कि लैंडफिल साइट का कूड़ा कितने दिनों में हटेगा। कोर्ट ने उन पर कटाक्ष किया था कि आप कहते हैं कि आप के पास अधिकार हैं। आप सुपरमैन हैं, लेकिन करते कुछ नहीं। गाजीपुर में कूड़े का पहाड़ कुतुबमीनार से महज आठ मीटर छोटा रह गया है।