दैनिक भास्कर हिंदी: शारदा चिट फंड : SC ने कहा, राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई के आरोप 'बेहद गंभीर'

March 27th, 2019

हाईलाइट

  • शारदा चिटफंड मामले में सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने 'बहुत गंभीर' बताया है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह राजीव कुमार के खिलाफ 10 दिनों के अंदर आवेदन दायर करे।
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शारदा चिटफंड मामले में कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार से की गई पूछताछ से संबंधित सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने 'बेहद गंभीर' बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही सीबीआई को निर्देश दिया कि वह राजीव कुमार के खिलाफ 10 दिनों के अंदर आवेदन दे।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, 'इसमें कुछ चीजें हैं जो बहुत गंभीर हैं। यदि कुछ बहुत ही गंभीर तथ्यों की जानकारी उसे दी गयी है तो वह अपनी आंखे नहीं मूंद सकती। बेंच जिसमें जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना भी शामिल हैं ने कहा कि सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में फाइल की गई है। इसीलिए बेंच दूसरे पक्ष को सुने बिना फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हम दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपों और जवाबी आरोपों का निर्धारण करेंगे।'

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सीबीआई डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला को निर्देश दिया था कि वह राजीव कुमार द्वारा कॉल डेटा रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और नष्ट करने से जुड़ी जानकारी प्रदान करें, जो कि शारदा चिड फंड मामले की जांच करते समय पश्चिम बंगाल विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख थे। कोर्ट को सौंपे गए हलफनामे में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2009 में केंद्र ने पश्चिम बंगाल को चिटफंड कंपनियों द्वारा लोगों को ठगने की संभावना के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और इसे पनपने दिया।

एजेंसी ने घोटाले के पीछे एक "बड़ी साजिश" की ओर भी इशारा किया और इसक दावे को लेकर दो उदाहरण दिए: पहला, टीवी चैनल को दिया गया 6.21 करोड़ रुपये, जो शारदा ग्रुप का हिस्सा है। दूसरा, तृणमूल कांग्रेस की ओर से संचालित एक अखबार द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेंटिंग्स की 6.5 करोड़ रुपए में बिक्री।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था क्योंकि उसके अधिकारियों को कोलकाता पुलिस ने लौटा दिया था जब वे राजीव कुमार के आवास पर उनसे पूछताछ करने के लिए तीन फरवरी को गए थे। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर “तख्तापलट” की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने घटनास्थल पर पहुंचकर सीबीआई के इस कदम के खिलाफ तीन दिन तक संविधान बचाओ धरना दिया था।