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पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से आठ चरण में होंगे मतदान, 2 मई को परिणाम, जाने पूरा शेड्यूल

पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से आठ चरण में होंगे मतदान, 2 मई को परिणाम, जाने पूरा शेड्यूल

हाईलाइट

  • बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए 2 मई तक खत्म होंगे चुनावी कार्यक्रम
  • 2016 में छह चरणों में मतदान किए गए थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि राज्य में आठ चरणों में 27 मार्च से 8 चरणों में मतदान होंगे। इसके परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना महामारी का दौर जारी है। ऐसे में इसे ध्यान में रखते हुए सभी गाइडलाइनों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार चुनाव बहुत ही सफलता पूर्वक हुए और एक बार फिर वोटरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश में 27 मार्च को पहले चरण में मतदान होगा। इसके बाद 1 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा। तीसरे चरण में 6 अप्रैल, चौथे चरण में 10 अप्रैल, पांचवें चरण में 17 अप्रैल, छठे चरण में 22 अप्रैल और सातवें चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। इसके बाद 29 अप्रैल को आठवें चरण का मतदान होगा। 2 मई को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।

बोर्ड परीक्षाओं पहले खत्म हो जाएंगे चुनाव कार्यक्रम
चार मई से होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए आयोग ने 2 मई को चुनाव कार्यक्रम खत्म करने का फैसला लिया है। बता दें कि 2016 में छह चरणों में मतदान किए गए थे। पहले चरण में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहले मतदान करवाया गया था। इसके बाद 17, 21, 25, 30 और पांच मई को चरणबद्ध तरीके से मतदान की प्रक्रिया की गई थी। वहीं चुनाव के नतीजे 19 मई को घोषित किए गए थे।

मतदान के दौरान 125 कंपनियां रहेंगी तैनात
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में शांति से चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सके, इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 125 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। इसमें सीआरपीएफ की 60, बीएसएप की 25, एसएसबी की 30, सीआईएसएफ की पांच और आईटीबीपी की पांच कंपनी शामिल हैं।

बंगाल में पिछले चुनावों में दलों की स्थिति
प्रदेश में अभी तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2016 के चुनाव में TMC को 211 सीटें मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 42 में से 18 सीटें जीती थीं। इसलिए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। इस बार का मुकाबला सिर्फ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच देखा जा रहा है। यहां कांग्रेस, वामदलों और इंडियन सेकुलर फ्रंट के बीच गठबंधन तय है। फुरफुरा शरीफ की इंडियन सेकुलर फ्रंट को 30 सीटें दी गई हैं।
 

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