क्या पेटीज खाने से जान भी जा सकती है?: स्कूल कैंटीन की पेटीज खाने के बाद 12वीं के छात्र की मौत, कब जानलेवा बन सकता है आपका फेवरेट नाश्ता, स्कूली बच्चों को क्या समझाना है जरूरी?

स्कूल कैंटीन की पेटीज खाने के बाद 12वीं के छात्र की मौत, कब जानलेवा बन सकता है आपका फेवरेट नाश्ता, स्कूली बच्चों को क्या समझाना है जरूरी?

डिजिटल डेस्क, जयपुर। 12वीं के एक छात्र के लिए पेटीज खाना जानलेवा साबित हुआ। इस दिल दहलाने वाली घटना के बाद ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या पेटीज खाने से जान भी जा सकती है। क्या आप भी गरमा-गरम पेटीज खाने के शौकीन हैं? अगर हां, तो बारिश के मौसम में थोड़ा सावधान रहना जरूरी है। बाहर रखा खाना इस मौसम में जल्दी खराब हो सकता है। कई बार यही लापरवाही भारी पड़ सकती है और जान तक जा सकती है। जयपुर से ऐसा ही एक हैरान करने वाला केस सामने आया है जहां पेटीज खाने के बाद एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। इस मामले के बाद लोगों का सावधान होना बेहद जरूरी हो गया है। चलिए जानते हैं कि पेटीज खाने से पहले आपको किन-किन बातों पर गौर करना चाहिए? लेकिन इससे पहले जानते हैं कि प्रिंस सोनी के साथ ऐसा क्या हुआ जिसने स्कूल की कैंटीन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है जयपुर का मामला?

झोटवाड़ा के एक निजी स्कूल में 12वीं के 17 साल के छात्र प्रिंस सोनी ने कैंटीन से पेटीज खाई थी। पेटीज खाने के कुछ ही देर बाद उसे सांस लेने में परेशानी हुई और वह बेहोश होकर गिर गया। बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पेटीज बासी और बहुत ज्यादा तेल वाली थी। उनका कहना है कि पेटीज का हिस्सा छात्र के गले या सांस की नली में फंस गया, जिससे उसका दम घुट गया। इस घटना के बाद स्कूल की कैंटीन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पेटीज खाते समय किन चीजों पर करें गौर?

1. साफ-सफाई और ताजगी

  • गरम और ताजी पेटीज खाएं: बहुत देर से रखी या ठंडी पेटीज खाने से बचें। इसमें कीटाणु पनप सकते हैं।
  • साफ जगह से खरीदें: पेटीज हमेशा साफ दुकान या बेकरी से लें। जहां गंदगी या मक्खियां हों, वहां का खाना न लें।
  • बासी होने के संकेत देखें: अगर पेटीज बहुत सूखी, सख्त या स्वाद में अजीब लगे, तो उसे न खाएं।

2. तेल और अंदर की सामग्री

  • बार-बार गर्म किए तेल से बचें: कई जगह एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा खाना सेहत के लिए ठीक नहीं होता।
  • स्टफिंग जरूर देखें: पेटीज के अंदर आलू या सब्जी से खट्टी या अजीब गंध आए, तो उसे बिल्कुल न खाएं।

3. सॉस और चटनी में सावधानी

  • खुली चटनी से बचें: बाहर रखी हरी या मीठी चटनी में गंदगी और कीटाणु हो सकते हैं।
  • सीलबंद सॉस लें: कोशिश करें कि पैकेट वाली और अच्छी तरह बंद टोमैटो सॉस ही इस्तेमाल करें।

4. ज्यादा पेटीज खाने से क्या हो सकता है?

  • वजन बढ़ सकता है: पेटीज में मैदा, तेल और बटर जैसी चीजें होती हैं। इसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है। रोज खाने से वजन बढ़ सकता है।
  • पेट खराब हो सकता है: ज्यादा मसालेदार और तैलीय पेटीज खाने से गैस, एसिडिटी और सीने में जलन हो सकती है।

पेटीज ताजी है या बासी, कैसे पहचानें?

  • स्मेल चेक करें: पेटीज से खट्टी, अजीब या बासी गंध आ रही है तो उसे न खाएं।
  • ऊपर की परत देखें: बहुत ज्यादा सूखी, नरम या अजीब दिखने वाली परत बासी होने का संकेत हो सकती है।
  • आलू की स्टफिंग देखें: अंदर का आलू काला पड़ा हो, बहुत चिपचिपा लगे या रंग बदला हुआ दिखे तो पेटीज छोड़ दें।
  • स्वाद में अजीब लगे: थोड़ा सा भी खट्टा या खराब स्वाद आए तो आगे न खाएं।
  • बहुत देर से रखी हो: अगर पेटीज कब की बनी है, यह पता नहीं है या वह लंबे समय से बाहर रखी है, तो उसे खाने से बचें।
  • गरम होना ही ताजगी की गारंटी नहीं: सिर्फ गरम करने से खराब खाना सुरक्षित नहीं हो जाता। इसलिए उसकी स्मेल, रंग और स्टफिंग भी जरूर देखें।

स्कूल कैंटीन में खाना लेते समय क्या देखें?

कैंटीन में कुछ भी खाने से पहले आसपास की साफ-सफाई पर नजर डालें। खाना खुला पड़ा है या ढककर रखा गया है, यह देखें। पेटीज या दूसरी चीजें बहुत देर से बाहर रखी हुई न हों। चटनी और सॉस भी खुली और गंदगी वाली जगह पर रखी हो तो उनसे बचें। अगर खाने से अजीब गंध आए, रंग बदला हुआ लगे या वह बासी दिखाई दे, तो उसे न खाएं।


पेटीज खाने के बाद इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर पेटीज या कोई भी बाहर का खाना खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त, जी मिचलाना या चक्कर आने लगे, तो इसे हल्के में न लें। अचानक बहुत कमजोरी महसूस होना भी ध्यान देने वाली बात है। वहीं सांस लेने में दिक्कत, गले में कुछ अटकना या बोलने में परेशानी हो तो तुरंत मदद लें। हालत बिगड़ने का इंतजार न करें।


गले में खाना फंस जाए तो क्या करें?

अगर किसी के गले में खाना अटक गया है और वह सांस नहीं ले पा रहा, बोल नहीं पा रहा या जोर से खांस नहीं पा रहा तो यह इमरजेंसी हो सकती है। ऐसे समय में तुरंत आसपास के लोगों को बुलाएं और मेडिकल मदद लें। व्यक्ति को जबरदस्ती पानी, खाना या कोई दूसरी चीज न खिलाएं। अगर वह बेहोश हो जाए, तो तुरंत इमरजेंसी सहायता की जरूरत होती है।

बारिश में खाना जल्दी क्यों खराब होता है?

बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा रहती है। ऐसे माहौल में खाने में कीटाणु जल्दी बढ़ सकते हैं। पेटीज के अंदर आलू और सब्जियों की स्टफिंग होती है, जो ज्यादा देर बाहर रहने पर खराब हो सकती है। इसलिए बारिश में लंबे समय से रखी चीजें खाने से बचना बेहतर है।

Created On :   14 Aug 2026 6:10 PM IST

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