UP News: राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, सदस्यता भी हुई खत्म? कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने क्या बताया?

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर, सदस्यता भी हुई खत्म? कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने क्या बताया?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा की सदस्यता खत्म कर दी गई। ट्रस्ट ने वित्तीय मामलों पर भी चर्चा की और जिम्मेदारियों को लेकर अपना पक्ष रखा।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। इसके साथ ही, दोनों की ट्रस्ट की सदस्यता भी खत्म कर दी गई है। अब उनका ट्रस्ट से किसी भी तरह का संबंध नहीं रहेगा। इस फैसले के बाद उन सभी चर्चाओं पर भी रोक लग गई जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों ने सिर्फ अपने पद छोड़े हैं लेकिन ट्रस्ट के सदस्य अब भी बने हुए हैं। ट्रस्ट की बैठक में इस मामले के साथ कई दूसरे जरूरी मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

ट्रस्ट से पूरी तरह खत्म हुआ संबंध

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने साफ कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा अब सिर्फ अपने पदों से ही नहीं हटे हैं, बल्कि उनकी ट्रस्ट की सदस्यता भी समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद दोनों का श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं बचा है। इस बयान के बाद सदस्यता को लेकर चल रही सभी अटकलें भी खत्म हो गईं।

बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा

ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा विवाद के साथ-साथ मंदिर के वित्तीय कामकाज और साल 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। गोविंद देव गिरि ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ बैंक में जमा और खर्च होने वाले पैसे तक थी। जो रकम बैंक में जमा नहीं हुई, उसकी देखरेख और हिसाब दूसरे जिम्मेदार लोगों के पास था। उन्होंने यह भी कहा कि वह पुणे में रहते हैं इसलिए रोज होने वाले लेन-देन में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी। एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जिन लोगों पर भरोसा किया, उन्हीं लोगों ने उनका विश्वास तोड़ा।

Created On :   8 July 2026 12:00 PM IST

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