Strait of Hormuz Blockade: होर्मुज में फेल हो रही अमेरिका की नाकाबंदी, इस सीक्रेट रूट से ईरान से मुंबई पहुंच रहा तेल

होर्मुज में फेल हो रही अमेरिका की नाकाबंदी, इस सीक्रेट रूट से ईरान से मुंबई पहुंच रहा तेल
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान में पहले चरण की शांतिवार्ता के बाद भी दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो पाया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान में पहले चरण की शांतिवार्ता के बाद भी दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो पाया है। ऐसे में अब दूसरे चरण की शांतिवार्ता पर पेंच फंसा हुआ है। इस दौरान ईरान ने अमेरिका के सामने घुटने टेकने से साफ मना कर दिया है। हालांकि, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को नियंत्रित करने की कोशिश भी की। फिर भी स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना की तैनाती के बावजूद कई टैंकर इस नाकाबंदी को पार करने में कामयाब हुए हैं।

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना तैनात

दरअसल, ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने अपनी नौसेना तैनात की है। जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गुजरने वाले जहाजों की निगरानी की जा रही है। हालांकि, इस मार्ग में वह पूरी तरह से नाकाबंदी लागू करने में नाकामयाब रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्षेत्र में दर्जनों टैंकर निकलने में सफल हो रहे हैं। इतना ही नहीं, बल्कि इसी क्षेत्र में एक ऐसा रास्ता भी है जिससे जहाज सीधे ईरान के खार्ग द्वीप से मुंबई तक पहुंच सकते हैं।

कुछ समय पहले इसी सीक्रेट मार्ग से भारतीय जहाज 'देश गरिमा' गुजरकर मुंबई पहुंचा। हालांकि, इस रास्ते ईरान की ओर से फायरिंग भी हुई थी। लेकिन, टैंकर सुरक्षित पहुंच गया। इस टैंकर में कतर के रस लाफान से 97,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल भरा हुआ था। जानकारी के मुताबिक, 13 अप्रैल से शुरू हुई नाकेबंदी के बाद 30 से अधिक टैंकर इस स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं।

होर्मुज में नाकाबंदी के बीच ईरान पहुंचे 34 टैंकर

वहीं, फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 34 टैंकर ने नाकेबंदी के बावजूद ईरान में पहुंच गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रणधीर जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में 14 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट में है। विशेषज्ञों के मुताबिक, खार्ग जहाज ईरान जलक्षेत्र से सीधा पाकिस्तानी जलक्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। पहला रूट पाकिस्तान के मकरान तट के साथ गुजरता है। इस जलक्षेत्र से भारतीय टैंकर ईरान से सीधे पाकिस्तान में प्रवेश कर सकते हैं। वहीं, दूसरा रूट ईरान के तट से गुजरकर चाबहार पोर्ट तक जाता है। यहां से जहाज दक्षिण की ओर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश करके सीधे भारत के पश्चिमी तटों महाराष्ट्र गुजरात, गोवा, कर्नाटक और केरल तक पहुंच सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के मुताबिक हर देश को 12 नॉटिकल मील तक अपने जलक्षेत्र पर कंट्रोल रहता है। हालांकि, विदेशी जहाजों को इनोसेंट पैसेज का अधिकार होता है। इसका मतलब यह कि वह बिना रुके और बिना किसी खतरे के वहां से गुजर सकते हैं। एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में भारतीय और पाकिस्तान के जहाज एक-दूसरे के जलक्षेत्र से गुजर सकते हैं। हालांकि, युद्धपोतों के लिए इजाजत जरूरी होती है। हालांकि, वर्तमान में भारत-पाकिस्तान के मौजूदा संबंध को देखते हुए इस मार्ग से गुजरना काफी जोखिम भरा हो सकता है। बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

Created On :   28 April 2026 1:58 PM IST

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