comScore

छेडछाड़ के मामले के आरोपी आरपीएफ डीआईजी का ट्रांसफर

छेडछाड़ के मामले के आरोपी आरपीएफ डीआईजी का ट्रांसफर

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। ओवरनाइट एक्सप्रेस में एक रेल अधिकारी की पत्नी के साथ छेड़छाड़ के  मामले में मचे विवाद के बाद आरोपी आरपीएफ के डीआईजी विजय खातरकर का ट्रांसफर मंत्रालय ने नॉर्दन रेलवे कर दिया गया है। गुरुवार की देर शाम को आए रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर एके सेन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आरपीएफ डीआईजी विजय कुमार खातरकर को नॉर्दन रेलवे ट्रांसफर किया जा रहा है, अगले आदेश तक वे प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिशनर नॉर्दन रेलवे के साथ अटैच रहेंगे।
आरपीएफ आईजी के ट्रांसफर के आदेश आने के बाद पीडि़त रेल अधिकारी की पत्नी, परिवार के साथ रेलवे कर्मचारियों का आक्रोश शांत हो गया। हालांकि गुरुवार को दिन भी आरपीएफ डीआईजी की करतूतों को लेकर रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप काली पटटी बांध कर प्रदर्शन किया और को ज्ञापन सौंपकर कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

दिन में एक महीने की छुट्टी का दिया था आवेदन

इससे पहले गुरुवार की सुबह पता चला कि आरपीएफ डीआईजी पमरे महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय को आवेदन देकर एक महीने की छुट्टी पर चले गए हैं। डीआईजी खुद छुट्टी पर गए हैं या फिर उन्हें फोर्स लीव पर भेजा गया है, इस बात को लेकर दिन भर रेलवे में चर्चाओं का दौर गर्म रहा। बताया जा रहा है कि मामले में डीआईजी आरपीएफ पर घटना के 4 दिनों के बाद भी जिम्मेदारी रेल अधिकारी पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से रेलवे अधिकारियों की
पत्नियों ने बुधवार को मोर्चा संभालने के बाद पमरे जीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा था। जिसके बाद पमरे जीएम ने आरपीएफ डीजी अरुण कुमार से चर्चा कर मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले को संज्ञान में लेने को कहा था, जिसके कुछ ही घंटों के बाद आरपीएफ डीआईजी विजय खातरकर ने एक महीने की छुट्टी के लिए आवेदन दे दिया, जिसे तत्काल स्वीकृत कर लिया गया।

रेलवे कंट्रोल रूम कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन किया, ज्ञापन सौंपा

जबलपुर मंडल में रेलवे कंट्रोल रूम में गुरुवार को रेलवे कर्मचारियों ने काली पटटी बांध कर आरपीएफ डीआईजी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। कंट्रोल में कार्यरत स्टाफ ने कहा कि रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी जिस अधिकारियों पर है, वहीं यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ पर उतारु हैं, ऐसे अधिकारियों का तत्काल निलंबन किया जाए। उसके बाद स्टाफ ने एजीएम को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

कमेंट करें
7Q9Lm